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फास्टैग : पहले दिन ही लगा लंबा जाम, यात्री बेहाल

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सीतापुर। एनएचएआई की ओर से रविवार से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया गया। इसको लेकर कई महीनों से चल रही तैयारी पहले दिन ही ध्वस्त हो गई। खैराबाद टोल प्लाजा के कैशलेन में दोनों ओर हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। फास्टैग वाली लेन खाली रही।
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अमर उजाला टीम को टोल प्लाजा पर हालात बदले नजर आए। यात्री लंबी लाइन के कारण काफी समय तक परेशान रहे। टीसी केबन से तकरीबन सौ मीटर पहले लेन की शुरुआत में बैरीकेडिंग की गई थी। यहां टोल कर्मचारी मुस्तैद थे। फास्टैग लेन में बैरीकेडिंग से आगे सिर्फ फास्टैग लगे वाहन ही जाने दिए जा रहे थे। अधिकतर वाहन फास्टैग विहीन थे।
लिहाजा, तमाम वाहन चालक कैशलेन में लंबी लाइन देख खाली लेन में जाने की जिद करने लगते। इस पर टोल कर्मी उन्हें पूरी जानकारी देकर समझाते हुए कैशलेन में भेज रहे थे। इस आपाधापी से कई बार जाम के हालात बन जाते थे। जाम की स्थिति न बने इसके लिए भी टोल कर्मचारियों को इधर से उधर दौड़ लगाते हुए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी।
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दरअसल, हर रोज टोल प्लाजा से औसतन 6 से 7 हजार गाड़ियां निकलती हैं। इनमें से अब तक महज 30 फीसदी वाहन ही फास्टैग से लैस हो पाए हैं। तमाम कवायदों के बाद भी ज्यादातर वाहन मालिक और चालक ऑनलाइन टैक्स भुगतान को लेकर जागरूक नहीं हैं। यह जागरूकता का अभाव ही टोल कर्मियों की मुसीबत बन गया है।
टोल कर्मियों की भागदौड़ बढ़ी, छुट्टी रद्द
फास्टैग अनिवार्य कर दिए जाने के बाद टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों की भागदौड़ बढ़ गई है। अमूमन टीसी केबिन के इर्द गिर्द नजर आने वाले कर्मचारियों को अब लेन की शुरुआत में बैरीकेडिंग के पास खड़े होना पड़ रहा है। काम का बोझ बढ़ने से टोल प्रबंधन ने कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। साप्ताहिक अवकाश कैंसिल कर दिए जाने से टोल कर्मी कुछ नाराज भी दिखाई दिए।
टीसी केबिन से पहले ही काटी गई पर्चियां
कैशलेन में वाहनों की अधिक संख्या देख टीसी केबिन के पहले ही पर्चियां काटी जा रही थीं। टोल टैक्स भुगतान की पर्चियां काटने वाले टीसी नानक ने बताया समय की बचत और जाम से बचने को ऐसा किया जा रहा है। वाहन चालक बैरियर पर पहुंचते ही यह पर्ची दिखाकर निकल सकता है।
जहां जगह मिली निकाली गई बाइकें व साइकिल
टोल प्लाजा पर बाइक व साइकिल निकलने के लिए अप व डाउन साइड में सबसे किनारे एक पतली सी लेन बनी हुई है। इस लेन के पास ही कैशलेन बनाई गई है। लिहाजा, वाहनों की लाइन से बाइक व साइकिल की लेन अवरुद्ध हो जा रही थी। इस समस्या से निपटने के लिए बाइक व साइकिल को किसी भी खाली लेन से निकाला जा रहा था।
ट्रैक्टर व टेम्पो वाले ‘वीआईपी’
बिना फास्टैग वाली लग्जरी गाड़ियों को जहां बैरीकेडिंग कर रोका जा रहा था, वहीं टेम्पो और ट्रैक्टर देखते ही बैरीकेडिंग हटाकर उन्हें जाने का इशारा टोल कर्मचारी कर रहे थे। यह देख लग्जरी वाहन वाले बोले कि आज तो ट्रैक्टर व टेम्पो वाले वीआईपी हैं।
समय के साथ ईंधन की होगी बचत
टोल प्लाजा पर ऑनलाइन टैक्स भुगतान के लिए फास्टैग अनिवार्य होने से समय और ईंधन की बचत होगी। टोल प्लाजा के अफसरों की मानें तो आम तौर पर कैशलेन से एक वाहन निकलने में 3 से 5 मिनट लग जाते हैं। जबकि फास्टैग लगा वाहन महज 10 से 15 सेकंड में टोल पार कर जाता है। नतीजतन, फास्टैग उपयोग करने वाले वाहन मालिकों के समय और ईंधन की बचत होगी।
दोगुना शुल्क देकर निकले कई वाहन
आपाधापी के बीच बिना फास्टैग वाले वाहन भी फास्टैग वाली लेन में पहुंच जा रहे थे। इस पर उन्हें फिर से वाहन बैक कर कैशलेन में भेजा जा रहा था। पीछे जाने से इंकार करने पर दोगुना शुल्क वसूला जा रहा था। कई वाहन मालिक कैशलेन में लंबी लाइन देख दोगुना शुल्क देकर फास्टैग वाली लेन से निकल रहे थे।
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अभी महज 30 फीसदी वाहनों में फास्टैग लग सका है। काम बढ़ गया है। वाहन चालकों को फास्टैग लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
- अंकेश श्रीवास्तव, टोल मैनेजर
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