झरेखापुर/सीतापुर। चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है और किसान अपना गन्ना मिल व नजदीकी क्रय केन्द्रों पर पहुंचाने लगे हैं। कई गांवों के किसानों का खेत सरायन नदी के उस पार हैं। ब्लॉक हरगांव क्षेत्र के बेलामऊ घाट पर पुल के अभाव में किसानों को गन्ना ढुलाई के लिए लगभग 12 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। इतनी ही दूरी थाना इमलिया सुल्तानपुर जाने के लिए तय करनी पड़ती है। यहां रपटा पुल बनवाए जाने की मांग चार दशकों से ग्रामीण कर रहे हैं। पुल नहीं होने से यह समस्या बनी हुई है।
हालांकि नदी में सीमेंट के पाइप डालकर ग्रामीणों ने पैदल आवागमन का माध्यम बनाया है, लेकिन यह पाइप भी पानी में डूब गए हैं। इस पर होकर नदी पार करना खतरे से खाली नहीं है। पुल के अभाव में फत्तेपुर, मातिनपुर, सुल्तानपुर, गणेशपुर, बेलामऊ खुर्द व बेलामऊ कला समेत कई गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। किसान रानू अवस्थी व रोहित अवस्थी ने बताया कि उनके खेत नदी के उस पार हैं। पुल के अभाव में खेती करना बेहद मुश्किल है। अनाज घर लाने में 12 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। अब गन्ना ढुलाई में यही समस्या आ रही है।
मिथिलेश शुक्ला, अंशू दीक्षित व अजय अवस्थी ने बताया हरगांव और इमलिया सुल्तानपुर थानाक्षेत्र की सीमा पर नदी बहती है। कई गांव नदी के इस पार हैं, लेकिन वह इमलिया सुल्तानपुर थानाक्षेत्र में आते हैं। इन गांवों के ग्रामीणों को थाने जाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। दौलत, चरनजीत सिंह, मंगल दत्त, संदीप अवस्थी, मिल्की अवस्थी का कहना है, कि बेलामऊ घाट पर रपटा पुल का निर्माण होने से हजारों ग्रामीणों का आवागमन सुलभ होगा।
जल्द बनेगा पुल
क्षेत्रवासियों की मांग पर अवर अभियंता को भेजकर मौके की नापजोख करा ली गयी है। पुल निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही क्षेत्र वासियों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
- सुरेश राही, कारागार राज्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक