सीतापुर/संदना। रामगढ़ चीनी मिल के केन कैरियर में आई तकनीकी खराबी से दूसरे दिन सोमवार को भी पेराई ठप रही। विशेषज्ञों की टीम खराबी दूर करने में जुटी हुई है। तौल बंद होने से गन्ना लेकर आए किसान यार्ड में फंसे हुए हैं। कड़ाके की ठंड में किसानों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। मिल प्रंबंधन की ओर से मंगलवार दोपहर तक स्थिति सामान्य होने की बात कही जा रही है।
विगत रविवार सुबह अचानक केन कैरियर के पास लगी साफ्ट टूटने से पेराई ठप हो गई थी। मिल प्रबंधन ने टूटी साफ्ट बदलने के लिए काम शुरू कर दिया। लगातार प्रयास के बाद सोमवार शाम को नई साफ्ट फाउंडेशन पर स्थापित कर दी गई। अभी काफी काम करना है, जिसमें मैकेनिकों की टीम जुटी हुई है। रामगढ़ मिल में तीन नवंबर से 12 दिसंबर तक 23 लाख 22 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की गई है।
अब अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद पेराई बंद होने से मिल को लाखों रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। उधर, केन यार्ड में गन्ने से लदी लगभग डेढ़ सौ ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी है। यह किसान रविवार की सुबह पांच बजे के पहले चीनी मिल में दाखिल हुए थे। इसके बाद मिल में खराबी से तौल बंद होने पर फंस गए। प्रबंधन की ओर से यार्ड में फंसे किसानों को भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। फिर भी किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कड़ाके की ठंड में किसान परेशान
कड़ाके की ठंड में किसान परेशान हैं। किसान फदलू, रामगोपाल, नन्दकिशोर, पिन्टू सिंह ने बताया कि दो दिन से यहां रुकने के कारण सारे पैसे भी खर्च हो गए हैं। मोबाइल डिस्चार्ज होने के कारण घर से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यार्ड में चोर-उचक्के भी सक्रिय हैं। अगर वाहन से दूर अलाव तापने जाएंगे तो ट्रैक्टर का पहिया, बैट्री व पटिया चोरी होने का खतरा है।
चीनी मिल द्वारा दिए गए भोजन के पैकेट से काफी राहत मिली लेकिन अलाव की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। रामगढ़ चीनी मिल के महाप्रबंधक यूके पाठक ने बताया कि यार्ड में किसानों के लिए अलाव, पानी व भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। मंगलवार को मिल सुचारु रूप से चालू हो जाने की उम्मीद है।