सीतापुर। सहकारी समिति कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार को दूसरे दिन भी साधन सहकारी समितियों में तालाबंदी रही। इससे किसानों को सस्ती दर पर खाद पाने के लिए इधर-उधर भटक कर परेशान होना पड़ा। खेती को नुकसान से बचाने के लिए किसानों को खुले बाजार से महंगी खाद खरीदने की दिक्कत भी उठानी पड़ी। समिति के कर्मचारी बकाया भुगतान न किए जाने को लेकर आक्रोशित चल रहे हैं।
लगातार चेतावनी के बाद भी बकाया भुगतान को लेकर बरती जा रही उदासीनता के कारण नाराज कर्मचारियों ने बीते बृहस्पतिवार से समितियों पर तालाबंदी कर काम काज ठप कर दिया है। संघ अध्यक्ष शिव कुमार सिंह ने सभी समितियों में शत प्रतिशत तालाबंदी का दावा करते हुए बताया कि समितियों के कर्मचारी लंबित मांगों के पूरा न होने तक हड़ताल पर रहेंगे। बताया कि दूसरे दिन शुक्रवार को भी जिले की सहकारी समितियों पर ताले लगे रहे। इससे दो दिनों से किसानों को सरकारी दर पर सस्ती खाद नहीं मिल पा रही है। गेहूं की फसल के लिए खाद न मिलने से किसान परेशान हैं।
संघ के संगठन मंत्री श्रीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि समितियों पर तैनात सभी कर्मचारी इस बंदी में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इससे जिले के 140 खाद बिक्री केंद्र और 91 धान क्रय केंद्रों में पूर्ण रूप से तालाबंदी रही। बताया कि शनिवार को भी समितियों में पड़े ताले नहीं खुलेंगे।
नोटिस के बाद भी जिम्मेदार रहे उदासीन
संघ की ओर से 21 दिसंबर को प्रशासन को नोटिस जारी कर चेताया गया था कि 25 दिसंबर तक बकाया राशि का भुगतान न होने पर 26 दिसंबर से समितियों में तालाबंदी कर काम काज ठप किया जाएगा। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यरत कर्मचारियों का कमीशन, भाड़ा, सुख सुविधा व पल्लेदारी आदि का साल 2021-22, 2022-23, 2023-24 का बकाया भुगतान क्रय एजेंसियों की ओर से अभी तक नहीं किया गया है। इसके बाद भी संबंधित विभागों के जिम्मेदारों द्वारा बरती गई उपेक्षा के कारण ही कर्मचारियों को तालाबंदी पर विविश होना पड़ा।