सड़क पर प्रदर्शन करते मृतक के परिजन।
गोंदलामऊ (सीतापुर)। संदना इलाके के गांव नटपुरवा में रंजिश के चलते युवक की शराब पिलाकर हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिजनों के तहरीर देने के बाद भी संदना पुलिस ने मामले में केस दर्ज नहीं किया। नाराज परिजनों ने सोमवार देर शाम बैसनपुरवा मोड़ पर शव रखकर मार्ग जाम करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। संदना पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया। मौके पर आई कई थानों की पुलिस ने बल प्रयोग कर मामले को शांत कराया। पुलिस ने बाद में तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
गोंदलामऊ इलाके के गांव मुडियाकैल निवासी गायत्री ने बताया कि रविवार दोपहर उनके पति रामकिशोर (45) अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान नटपुरवा मजरा फत्तेपुर के निवासी धर्मेंद्र, उसकी पत्नी रीता, धर्मेंद्र की भाभी, रिंकू, पिंकू और लवकुश खेत पर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने रंजिश के चलते पहले रामकिशोर को नशीला पदार्थ पिलाया और फिर उन्हें अपने गांव ले जाकर मारपीट की।
मौके पर मुडियाकैल निवासी दो लोग ओमप्रकाश और सतीश पहुंचे उन्होंने बीच-बचाव कर घायल रामकिशोर को सीएचसी गोंदलामऊ में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने रामकिशोर को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद संदना पुलिस को मामले की तहरीर दी गई थी। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही आरोपियों को हिरासत में लिया।
इसके बाद परिजनों ने मिश्रिख सिधौली मार्ग पर शव को सड़क पर रख जाम लगा दिया। घटना के बाद काफी देर तक जब लोग नहीं हटे तो मौके पर एएसपी दक्षिणी प्रवीण रंजन सिंह पहुंचे और स्थिति संभाली।
मौत के बाद पुलिस ने क्यों बरती उदासीनता
संदना थाने की पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती कि इसका खामियाजा आसपास के चार थानाध्यक्षों को उठाना पड़ा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सभी मौके पर आए और उनको भी बल प्रयोग कर स्थिति को काबू करना पड़ा। सवाल यह भी उठता है कि जब रात में ही युवक की मौत हो गई थी, तो संदना पुलिस ने तुरंत ही कार्रवाई क्यों नहीं की। इसके बाद मार्ग जाम होने की आशंका पर भी वह परिजनों को समझा बुझाकर क्यों नहीं रोक पाए। प्रदर्शन की वजह से जाम भी लगा। थानाध्यक्ष चंद्रभान यादव ने बताया कि गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।