सीतापुर। खाद बिक्री की नई व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सर्वर की तकनीकी खराबी, ओटीपी सत्यापन में देरी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। खैराबाद क्षेत्र में दो दिनों से सर्वर बंद होने से सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं।
धान और गन्ने की फसल के लिए खाद लेने पहुंचे किसानों छोटे लाल, चंद्रभाल, जगदेव प्रसाद और सोने लाल ने बताया कि वे तीन दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं। सर्वर खराब होने और भीड़ अधिक होने के कारण खाद मिलने में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था भी राहत नहीं दे रही है। बुकिंग केवल दो दिन तक ही मान्य रहती है। सर्वर खराब होने या समय पर खाद न लेने पर बुकिंग स्वत: निरस्त हो जाती है।
ऐलिया, मछरेहटा और परसेंडी ब्लॉक के किसान भी खैराबाद में खाद के लिए पहुंच रहे हैं। नगर कटरा बी पैक्स समिति पर 500 बुकिंग हो चुकी हैं, जबकि स्टॉक कम दिख रहा है। शर्फापुर निवासी किसान पवन कुमार सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से खाद के लिए परेशान हैं। दो बार बुकिंग रद्द हो चुकी है और हर बार बुकिंग कराने के लिए 20 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
खाद लेने आए किसानों ने बताई समस्या
लहरपुर। साधन सहकारी समिति रायपुरगंज में गुरुवार को खाद वितरण के दौरान किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि उन्होंने पहले ही खाद बुक कर ली थी, लेकिन सर्वर समस्या के कारण बुधवार को प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब शुक्रवार को समय सीमा समाप्त होने की चिंता है।
प्यारापुर निवासी किसान ओम प्रकाश ने बताया कि वह दो दिन से आ रहे हैं, लेकिन अभी तक खाद नहीं मिली। भंवासी के रमाकांत सिंह ने छह बोरी खाद बुक की है। अनिया कलां के राजकुमार ने दो बोरी और टांडा कला के सुनील कुमार ने 21 जुलाई को खाद बुक कराई थी, फिर भी इंतजार है।
किसानों ने बताया कि जन सुविधा केंद्रों पर बुकिंग के लिए 20-30 रुपये देने पड़ते हैं। प्रिंट जमा करने के बाद नंबर आने पर 270 रुपये प्रति बोरी खाद मिलती है। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता सिद्धार्थ कुमार आर्य ने बताया कि खाद पर्याप्त है, सर्वर समस्या से देरी हो रही है।
नई व्यवस्था में उलझे किसान
सांडा। क्षेत्र के किसान सुधीर सिंह, विनोद कुमार और अमर श्रीवास्तव ने बताया कि खाद वितरण केंद्रों पर घंटों इंतजार करने के बाद भी सर्वर सही ढंग से काम नहीं करता। जिन किसानों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिनका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा है, उन्हें भी समय पर ओटीपी प्राप्त नहीं हो रहा है। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान भी सर्वर बाधित हो जाता है जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया रुक जाती है।
बुकिंग नहीं होनी चाहिए निरस्त
किसान नेता पिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि किसानों को ऑनलाइन खाद लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग कैंसिल नहीं होनी चाहिए ताकि किसानों को हर बार बुकिंग के लिए 20 रुपये खर्च न करना पड़े।
दो दिन से नहीं चल रहीं मशीनें
दो दिनों से मशीनें नहीं चल रही हैं। इसे तकनीकी टीम सही कर रही है। जिले में करीब चार लाख बोरी खाद मौजूद है। किसान परेशान न हों।
- संजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी