एक किसान ने सोमवार दोपहर बीड़ी पीकर उसे बिना बुझाए ही फेंक दिया। थोड़ी देर में बीड़ी की चिन्गारी से झोपड़ी में आग लग गई। किसान लकवा बीमारी से पीड़ित था, इस कारण वह चल-फिर नहीं पाता था।
आग लगने पर वह बीमारी के कारण झोपड़ी के बाहर नहीं भाग सका और जिंदा जलने से उसकी मौत हो गई। खबर पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
अटरिया थाना क्षेत्र के बलरामपुर मजरा नीलगांव निवासी श्यामलाल (58) पुत्र मूलचंद को काफी अर्सा पूर्व फालिज का अटैक पड़ा था। इससे वह चलने-फिरने से लाचार था। श्यामलाल ने सोमवार दोपहर बीड़ी पी। इसके बाद बिना बुझाए उसने बीड़ी को पास में ही फेंक दिया।
थोड़ी ही देर में बीड़ी की चिंगारी से आग भड़क गई। इससे झोपड़ी में आग लग गई। आसपास के लोगों ने दौड़कर आग बुझाने की कोशिश की। पर इस बीच श्यामलाल झोपड़ी में ही जिंदा जल गया। उसकी मौत हो गई।
घटना के समय मृतक की पत्नी लज्जावती खेत गई थी। खबर पाकर सीओ सिधौली ने मौके पर पहुंच कर जांच की। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।