सीतापुर। परसेंडी ब्लॉक में तैनात एक लेखपाल ने गांव में रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के स्थल पर अवैध कब्जे की शिकायत का निस्तारण फर्जी तरीके से करने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि ऑन लाइन निस्तारण में आरोपी और शिकायतकर्ता की शहर से फोटो खींचने के बाद गांव के विवादित स्थल का उल्लेख कर इसका निस्तारण दिखा दिया गया।
पीड़ित ने शिकायत के फर्जी निस्तारण की शिकायत जिलाधिकारी को एक शपथ पत्र देकर की है। ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिखौना निवासी ध्रुव कुमार शुक्ला ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर बीते 75 साल से रामलीला का मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है। इस जमीन पर गांव के ही दो लोगों ने छह जुलाई को कंटीले तार की बाड़ लगा दी थी। जिसकी दो बार शिकायत की गई। आरोप है कि इसमें से एक का निस्तारण क्षेत्रीय लेखपाल ने फर्जी ढंग से कर दिया। लेखपाल ने शहर के बस स्टैंड पर उनकी और आरोपी की रजिस्ट्री दफ्तर के पास से फोटो खींच ली। इसके बाद इस फोटो को ऑन लाइन निस्तारण आख्या में अपलोड कर शिकायत को निस्तारित बता दिया ।
पीड़ित ने बताया कि इसकी शिकायत तत्कालीन डीएम से भी की थी। उन्होंने तहसील सदर प्रशासन को जांच के आदेश भी दिए थे। इस पर तहसील सदर प्रशासन ने आरोपी लेखपाल को ही इसके निस्तारण के लिए नामित कर दिया। पीड़ित ने अब मामले की शिकायत डीएम डॉ राजा गणपति आर से शपथ पत्र के साथ करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
पीड़ित ने बताया कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण किया जाए। इसके लिए संबंधित अफसर मौके पर जाकर शिकायतकर्ता और विपक्षी दोनों की सुनवाई करें। इसकी जीपीएस फोटो भी निस्तारण आख्या में लगाई जाएं। इस मामले में लेखपाल ने मानकों को उल्लंघन कर फर्जी निस्तारण आख्या लगा कर शिकायत का निस्तारित बताया है।