सीतापुर। फर्जी फोन पे मोबाइल एप से असली जैसा भुगतान करने वाले दो आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने सराफा व्यापारी को फर्जी भुगतान कर 85 हजार रुपये के जेवरों की ठगी की थी। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस टीम ने उत्तराखंड के रुद्रपुर के शांति काॅलोनी निवासी मंजीत सिंह व प्रभजोत सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये, तीन मोबाइल, एक फर्जी नंबर प्लेट लगी कार बरामद हुई है। बताया कि रेउसा निवासी सूरज रस्तोगी ने साइबर थाने में एक केस दर्ज कराया था।
सूरज के अनुसार केदारनाथ ज्वैलर्स के नाम से महमूदाबाद रेउसा मार्ग पर उनकी दुकान है। आरोपी उनकी दुकान पहुंचे और 85 हजार रुपये का जेवर खरीद लिया। पीड़ित की बहन दुकान में बैठी थी। आरोपियों ने फोन पे के माध्यम से भुगतान किया, फिर स्क्रीन शॉट दिखाकर चले गए। पीड़ित की बहन को स्क्रीनशॉट देखकर विश्वास हो गया था कि खाते में धनराशि आ गई है, लेकिन बाद में खाते में कोई रकम नहीं आई। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
टेलीग्राम से डाउनलोड किया था एप, असली पेमेंट की आती है आवाज
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने टेलीग्राम एप से एक एपीके फाइल के माध्यम से फर्जी फोन पे एप डाउनलोड किया गया था। जो दिखने में पूरी तरह से वास्तविक लगता है। वह इस एप से वास्तविक भुगतान किए बिना ही भुगतान का स्क्रीन शॉट दुकानदार को दिखा देते हैं। इसके साथ ही मोबाइल में पेमेंट का साउंड भी सुना देते हैं जो साउंड असली पेमेंट एप के जैसा सुनाई देता है। कई बार दुकानदार पेमेंट संबंधित स्क्रीनशॉट को देखकर भी संतुष्ट नहीं होते थे तो उसके लिए उन्होंने एक बैंक का फर्जी एप बना रखा था। जिसके जरिये वह टेक्स्ट मैसेज, दुकानदार द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर भेज देते थे।
कई जिलों में की ठगी
साइबर थानाध्यक्ष अजय कुमार रावत ने बताया कि आरोपियों ने लखीमपुर खीरी, बाराबंकी जिले में कई जगह ऐसे भुगतान किए हैं। आरोपी खरीददारी करते समय लग्जरी चार पहिया वाहन से जाते हैं, जिससे उन पर दुकानदार या किसी को शक न हो। आरोपियों ने कार का नंबर प्लेट भी इसलिए ही फर्जी लगवाया था, ताकि द्वारा वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट का प्रयोग किया जाता है ताकि शक होने पर भी सीसीटीवी फुटेज आदि के माध्यम से गाड़ी के संबंध में जानकारी प्राप्त न हो सके।