सीतापुर। जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 86 प्रसव केंद्रों पर मुकम्मल व्यवस्था होगी। यहां व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, कुर्सी-मेज सहित अन्य कमियां दूर करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी है।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की तो प्रसव केंद्रों पर तमाम सुविधाओं की कमी का पता चला। इस वजह से प्रसव के समय दिक्कत आती है। स्वास्थ्य विभाग के पास इन कमियों को दूर करने के लिए पर्याप्त बजट भी नहीं है। इस पर डीएम ने बीडीओ को निर्देश दिए कि वह सीएचसी अधीक्षकों के साथ प्रसव केंद्रों का निरीक्षण करें। वहां जो भी कमियां मिलें, उन्हें तुरंत दूर कराना सुनिश्चित करें। जिससे इन केंद्रों पर अधिक से अधिक प्रसव हो सकें।
मरीजों को सीएचसी व पीएचसी में भी एसी की सुविधा मिलेगी। डीएम ने कहा कि प्रसव केंद्रों में भी एसी की सुविधा हो। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, बैंक अफसरों व स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क करें। इन लोगों से प्रसव केंद्रों में एसी लगवाने का अनुरोध करें।
बिना अनुमति न छोड़ें मुख्यालय
डीएम ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिए कि सीएमओ की अनुमति के बिना जिला मुख्यालय न छोड़ें। जायज समस्या होने पर ही सीएमओ उन्हें जिला मुख्यालय छोड़ने की अनुमति दें। निरीक्षण के समय अगर अधीक्षक नहीं मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
प्रसव केंद्रों का लिया जायजा
लहरपुर। पीएचसी बिलरिया व खैरुल्लापुर में संचालित प्रसव केंद्र का सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद वाजपेयी व बीडीओ प्रदीप कुमार चौधरी ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। बीडीओ ने बताया कि खैरुल्लापुर में शौचालय में पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। एक सप्ताह में दोनों पीएचसी में इन्वर्टर की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके अलावा जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द दूर कराया जाएगा।