विस्फोट के बाद लगी आग से अल्कोहल, एथनॉल व रेस्टीस्प्रिट से भरे तीन टैंक फट गए। सीतापुर, लखीमपुर व लखनऊ की दमकल टीमों ने सात घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मौके पर मजदूरों के परिवारीजन सहित हजारों की संख्या में लोग एकत्र हैं। घटना से करीब एक करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। हादसे में कई लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है।
हरगांव की दि-अवध शुगर मिल की सुर्जीपारा गांव के पास डिस्टिलरी यूनिट लगी है। शनिवार दोपहर करीब ड़ेढ बजे डिस्टिलरी के टैंक नंबर आठ में तेज धमाका हुआ और आग लग गई। धमाके की आवाज सुनकर लोग फैक्ट्री की तरफ दौड़े। इस बीच, तीन धमाकों के साथ अल्कोहल, एथनॉल व रेस्टीस्प्रिट के टैंक भी आग के गोले में तब्दील हो गए।
फैक्ट्री में काम कर रहे श्रमिक जान बचाकर भागे, लेकिन टैैंकों के आसपास मौजूद लोगों का पता नहीं चला। एक मजूदर आदित्य यादव के शरीर के अवशेष मिले हैं। खबर लगते ही एसपी, एडीएम, कई सीओ व थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। एडीएम सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि घटना स्थल पर प्रशासनिक व पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।