परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को दो जोड़ी निशुल्क यूनीफॉर्म उपलब्ध कराई जाती है। एक ड्रेस पर 200 रुपये का बजट फिक्स किया गया है। 75 प्रतिशत धनराशि भेज दी गई है।
शेष 25 प्रतिशत ड्रेस का सत्यापन होने के बाद दी जाएगी। ड्रेस वितरण कराने की जिम्मेदारी खंड शिक्षाधिकारी की है। वहीं स्कूल स्तर पर प्रधानाध्यापक व प्रबंध समिति की जिम्मेदारी होती है। इनकी निगरानी में ही ड्रेस वितरित की जाएगी। इसके लिए शासन ने जुलाई माह में जिले को बजट मुहैया करा दिया था।
इस बजट को छात्र संख्या के हिसाब से विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। ड्रेस वितरण में धांधली न हो इसके लिए ब्लॉक मुख्यालय पर ट्रेनिंग भी दी गई थी।
इन सबके बावजूद बीईओ ड्रेस का वितरण कराने में रुचि नहीं ले रहे है। बीएसए ने अगस्त माह के अंत तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिए थे। लेकिन बीएसए का यह निर्देश बीईओ पर असर नहीं छोड़ सका। दो माह में केवल 40 फीसदी ही नौनिहालों को यूनीफॉर्म मिल सका है। जिस पर शासन ने नाराजगी जताई है।