सीतापुर। चार कॉलेजों में एग्जामिनर के न पहुंचने के चलते प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। किसी ने अपनी बीमारी का कारण बताया तो किसी ने आने में असमर्थता जताई। कॉलेज की इस सूचना के आधार पर डीआईओएस ने माध्यमिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के तहत 10वीं व 12वीं में प्रेक्टिकल एग्जाम कराए जाते हैं। इस बार छह फरवरी से 15 फरवरी के मध्य जिले के कई कॉलेजों में प्रेक्टिकल एग्जाम कराए गए थे। एग्जामनर आने की सूचना सीधे कॉलेज को दे दी गई थी। चार कॉलेजों में परीक्षक नहीं पहुंच सके। जब निर्धारित तिथि पर परीक्षक कॉलेज नहीं आए तो कॉलेज प्रशासन ने परीक्षक से संपर्क किया तो किसी ने अपनी बीमारी की बात कहकर आने से इंकार कर दिया तो किसी ने गलत पोस्टिंग हो जाने की बात कही।
इससे इन कॉलेजों के विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल एग्जाम नहीं हो सके। विद्यार्थी प्रायोगिक परीक्षा होने की आशा लगाए हुए हैं। इस पर कॉलेजों ने डीआईओएस को इसकी जानकारी दी। इस पर डीआईओएस ने इसकी सूचना माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेज दी है।
24 अप्रैल से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा को लेकर अनंतिम रूप से जिले में 155 केंद्र प्रस्तावित कर दिए गए हैं। जिला स्तर से केंद्रों की सूची तैयार करके शासन को भेज दी गई है। अब शासन की ओर से इन केंद्रों पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है। इस पर सभी कॉलेजों से इन निर्धारित केंद्रों पर आपत्तियां मांगी गई थीं। 18 फरवरी तक आपत्तियों का समय दिया गया था। ये आपत्तियां सीधे माध्यमिक शिक्षा परिषद को ऑनलाइन की जानी थीं। आपत्तियों का समय निकल जाने के बाद अब इनका निस्तारण किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि चार से पांच दिन के अंदर इन केंद्रों पर फाइनल तरीके से मुहर लग जाएगी।
डीआईओएस देवी सहाय तिवारी ने बताया कि जिला स्तरीय चयन कमेटी ने बोर्ड परीक्षा केंद्र प्रस्तावित करके शासन को सूची भेज दी है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद सेंटर फाइनल हो जाएंगे। छूटे विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा के लिए पत्र लिखा जा चुका है।