बिसवां के पूर्व विधायक रामपाल यादव की बेटी दीपा यादव से ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी छिन गई। मंगलवार को ब्लॉक सभागार में कड़ी सुरक्षा के बीच अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में दीपा को सिर्फ चार वोट मिले। जबकि विपक्ष में 78 मत पड़े। यहां पर 140 में से 82 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद एसडीएम बिसवां दीपेंद्र यादव ने समिति के गठन होने तक ब्लॉक प्रमुख का पद रिक्त होने का एलान कर दिया है।
यूपी में योगी राज आने के बाद सपा सरकार में काबिज ब्लॉक प्रमुखों को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। सिधौली ब्लॉक प्रमुखी सपा से छीनने के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य बिसवां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। ब्लॉक प्रमुख के प्रत्याशी राकेश वर्मा की अगुवाई में हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने डीएम के समक्ष अविश्वास पत्र पेश किया था। इस पर डीएम ने मतदान के लिए आठ अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी। मंगलवार को ब्लॉक सभागार में बिसवां एसडीएम-पीठासीन अधिकारी दीपेंद्र यादव की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से बैठक शुरू हुई। अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग में 82 सदस्य शामिल हुए। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना शुरू हुई। वोटों की गिनती में ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में मात्र चार और अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 78 मत पाए गए। एसडीएम दीपेंद्र यादव के चुनाव परिणाम घोषित करते ही भाजपा समर्थकों के चेहरे खिल उठे। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद ब्लॉक प्रमुख का पद अग्रिम कार्रवाई तक रिक्त हो गया है।