सकरन। रजिस्ट्रेशन के बाद भी क्रय केंद्रों पर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। विवश होकर उन्हें कम कीमत पर बिचौलियों के हाथों अपनी फसल बेचना पड़ रही है। पंजीयन के बाद भी बीते एक माह से किसानों को धान बेचने के लिए क्रय केंद्र के चक्कर लगाने की परेशानी उठाना पड़ रही है। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र पर बिचौलियों से धान खरीदा जा रहा है।
सकरन विकास खंड के सांडा का बीपैक्स लिमिटेड धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति अरुवा नसीरपुर में संचालित है। किसानों का आरोप है कि यहां तैनात कर्मी मुनाफा कमाने के लिए किसानों की जगह बिचौलियों का धान खरीद रहे हैं। केंद्र पर काफी समय पहले पंजीयन करवाने वाले किसानों का धान भी नहीं खरीदा जा रहा है। बताया कि मंगलवार को दूसरी क्षेत्र के निवासी रामगोपाल निवासी करनापुर, रेउसा के नाम 8.36 टन, बनवारीलाल निवासी ईंटगांव का 1.48 टन, लालजी निवासी मुजेहना रेउसा का 8.20 टन, राजेन्द्र का 11.92 टन धान की खरीद सिर्फ कागजों पर की गई।
किसान प्रदीप कुमार निवासी सेमराखुर्द ने बताया कि उन्होंने एक माह पूर्व धान बेचने का रजिस्ट्रेशन कराया था, तब से केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं, इसके बाद भी उनके धान की तौला नहीं हो रही है। किसान शिवनाथ निवासी बघेलिया ने बताया कि हमने अपना धान बेचने के लिए अक्तूबर महीने में रजिस्ट्रेशन कराया था, तब से केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। धान नहीं तौला जा रहा है। मजबूरन हमें अपना धान बिचौलियों के हाथों बेंच कर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उपजिलाधिकारी बिसवां ने बताया कि किसानों की शिकायत पर केंद्र का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की जाएगी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक नवीन चंद्र शुक्ला ने बताया कि केंद्र प्रभारी से वार्ता कर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।