सीतापुर। पावर कॉर्पोरेशन की सौभाग्य योजना ने जिले की तस्वीर बदल दी है। इस योजना से जिले के 7884 गांवों का विद्युतीकरण हो गया है। यही नहीं पिछले दो साल में इस योजना के तहत दो लाख पांच हजार कनेक्शन दिए गए है। इससे अब पूरे जिले में बिजली के 4.90 लाख उपभोक्ता हो गए हैं।
सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए गए हैं। इसके साथ ही गरीबी रेखा से ऊपर के लोगों को महज 50 रुपये लेकर कनेक्शन दिया गया। अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह ने इस योजना को धरातल पर उतरने के लिए पुरजोर कोशिश की जिसका परिणाम अब सामने आया है।
इस योजना के तहत 7884 गांवों में विद्युतीकरण हुआ है जिसके तहत 58027 पोल लगाए गए हैं। 1758 ट्रांसफॉर्मर लगे हैं तो 800 किलोमीटर नई 11 हजार लाइन बिछाई गई है। 615 किलोमीटर एलटी लाइन व 570 किलोमीटर सिंगल लाइन निजी कंपनी द्वारा बिछाई गई।
इसके अलावा पॉवर कॉर्पोरेशन ने खुद अपनी तरफ से 96 मजरों में विद्युतीकरण कराया है। 170 ट्रांसफॉर्मर लगाए गए है। 110 किलोमीटर लाइन बिछाई गई। 27 किलोमीटर तीन फेज व 42 किलोमीटर सिंगल फेज लाइन खींची गई है।
इसके साथ ही दो लाख 5 हजार नए कनेक्शन दिए गए हैं। इससे अब पूरे जिले में 4.90 लाख विद्युत उपभोक्ता हो गए हैं। 7884 गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। जिले के सभी गांव विद्युतीकरण से संतृप्त हो गए हैं।
सौभाग्य योजना के तहत कराए गए सर्वे में तमाम गांव ऐसे मिले जहां विद्युत पोल लगाकर आपूर्ति करने में समस्या आ रही थी। गांव में आबादी कम थी, दूर से पोल लगाकर बिजली पहुंचाना मुश्किल हो रहा था। इससे खर्चा अधिक आता है और समस्याएं भी आतीं। इस पर पॉवर कॉर्पोरेशन ने सौर ऊर्जा से गांवों को रोशन करने का निर्णय लिया था।
इसके तहत दूरदराज के 73 मजरों में सौर ऊर्जा के जरिये 1294 कनेक्शन दिए गए। इसके अतिरिक्त जहां पोल लगाने में दिक्कत थी, वहां के 45 मजरो में 739 सोलर पैनल से विद्युत कनेक्शन देकर गांवों को रोशन किया गया है।
जिले में बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत छह नए उपकेंद्र बनने थे। इनमें कंदुनी, रामकोट, झरेखापुर व गोंदलामऊ बनकर तैयार हो गए हैं। इनकी क्षमता पांच एमवी है।
ये सभी अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं। इससे यहां के बाश्ंिादों को अब बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल रही है जबकि काजी कमलापुर व इमलिया सुल्तानपुर में अभी काम चल रहा है। जल्द यहां भी उपकेंद्र शुरू हो जाएंगे।
जिले में 11 ऐसे उपकेंद्र थे जिनकी क्षमता कम थी। लोड अधिक हो जाने से ये निर्बाध रूप से आपूर्ति नहीं दे पा रहे थे। इस पर अधीक्षण अभियंता की तरफ से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद क्षमता वृद्धि की गई है। इनमें संदना, लहरपुर ग्रामीण, नेरी, मिश्रिख ग्रामीण, महोली, बिसवां ग्रामीण, पिसावां, हरगांव ग्रामीण की क्षमता पहले पांच एमबी थी, अब इन सभी की 10 एमवी हो गई है।
इसके अतिरिक्त रेउसा, रामकोट, पुराना नीमसार, गोंदलामऊ व भवानीपुर में अतिरिक्त रूप से पांच एमवी के ट्रांसफॉर्मर लगाकर क्षमता बढ़ाई गई है। रामपुर मथुरा, कमलापुर व सांडा में अतिरिक्त रूप से क्षमता वृद्धि होनी है। यह भी जल्द हो जाएगी।
पॉवर कॉर्पोरेशन ने जिले के 11 टाउन एरिया को चिह्नित किया था जहां पर विद्युत आपूर्ति बराबर नहीं हो पा रही थी। कहीं लाइन की दिक्कत थी तो कहीं भार अधिक हो रहा था। इस पर पैतेंपुर व हरगांव में पांच एमवी के दो नए पॉवरहाउस बनाए गए हैं। ये शुरू हो गए हैं। इसके अलावा 28 किलोमीटर 33 केवी की नई लाइन बिछाई गई है।
महोली, मिश्रिख, तंबौर उपकेंद्र की क्षमता पांच एमवी से बढ़ाकर 10 एमवी कर दी गई है। वहीं 30 किलोमीटर 11 हजार वोल्टेज की लाइन बिछाई गई है। 100 केवी व 250 केवी के 55 ट्रांसफॉर्मर लगवाए गए हैं। 170 किलोमीटर नई एलटी लाइन बिछवाई गई है।
अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह ने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत पूरा जिला सौभाग्यशाली हो चुका है। सभी गांव/मजरो का विद्युतीकरण हो गया है। इस वर्ष बहुत ही काम कराए गए हैं। नए उपकेंद्र बने हैं, कई की क्षमता वृद्धि हुई है।
नई लाइनें बिछाई गई हैं, पुरानी बदली गई हैं। इससे अब कहीं पर भी कोई समस्या नहीं है। जिले वासियों को बेहतर विद्युत आपूर्ति देने का भरपूर प्रयास किया गया है। आगे भी बेहतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर काम जारी रहेगा।