हरगांव। इलाके के नरहरपुर गांव में ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को लाठी-डंडों से लैस होकर विद्युत उपकेंद्र पर धावा बोल दिया। चार बिजलीकर्मियों की जमकर पिटाई कर दी। एसडीओ व जेई ने किसी तरह कमरे का दरवाजा बंद करके जान बचाई। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर मामला शांत कराया। पूरी घटना उपकेंद्र के सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है। आक्रोशित कर्मचारियों ने पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप कर दी और थाने पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मामले में पुलिस ने छह नामजद व 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
नरहरपुर गांव में दो दिन पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर दो बार ट्रांसफार्मर बदले गए, लेकिन वह भी खराब हो गए। इससे नाराज करीब 40 से 50 लोग सोमवार दोपहर करीब तीन बजे उपकेंद्र पहुंचकर कर्मचारियों से भिड़ गए। बिजलीकर्मी सीतांशु शुक्ल, अक्षय शर्मा, कुलदीप यादव व अतुल बघेल की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। इससे सीतांशु को गंभीर चोटें आई हैं।
ग्रामीणों को उग्र देखकर एसडीओ बालकृष्ण तिवारी व अवर अभियंता अशोक वर्मा ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। ग्रामीणों ने एसडीओ के कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। इस बीच एसडीओ ने पुलिस को फोन करके सूचना दे दी। करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को खदेड़ दिया।
पिटाई से नाराज कर्मचारियों ने हरगांव नगर व गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग को लेकर बिजलीकर्मी थाने पहुंच गए। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक प्राथमिकी दर्ज करके आरोपियों को पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं करेंगे।
उपकेंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। इसके बाद पुलिस ने पीड़ितों का मेडिकल कराया। करीब चार घंटे बाद नगर की तो बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। देर रात गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
थाना प्रभारी आनंद नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मामले में आयुष बंसल, पिंटू सिंह, अरविंद सिंह, अजय पाल सिंह, अभिषेक व अजीत सिंह के साथ ही 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, मारपीट सहित अन्य धाराओं में प्राथमिक की दर्ज की गई है। विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।