सीतापुर। दो दिन की जोरदार बारिश के चलते शहर व कस्बों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर आती दिखी लेकिन ग्रामीण इलाकों का हाल बेहाल है। जिले के करीब 500 गांवों में दो दिन बाद भी आपूर्ति ठप पड़ी है। कहीं बिजली के तारों पर पेड़ गिर गए हैं तो कहीं खंभे टूट गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे लोगों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ रही हैं।
खैराबाद कस्बे में बीती रात अचानक बत्ती गुल हो गई। घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बनकर रह गए। हालात इतने खराब रहे है कि मोबाइल तक डिस्चार्ज हो गए। इससे कल-कारखाने भी बंद रहे। शुक्रवार दोपहर 12 के बाद आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इससे करीब एक लाख आबादी को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
कमलापुर कस्बे के पॉवर हाउस से 100 से अधिक गांवों को आपूर्ति होती है। बुधवार रात एक बजे से बिजली नहीं आई है। तेज आंधी और बारिश के चलते जगह-जगह विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गए हैं जिसके चलते आपूर्ति बाधित है।
झरेखापुर पॉवर हाउस क्षेत्र में 48 घंटे बाद भी विद्युत व्यवस्था चालू नहीं हो सकी है। इससे करीब 100 से अधिक गांवों में शाम होते ही अंधेरा फैल जाता है। अवर अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि देर रात तक आपूर्ति व्यवस्था ठीक होने की संभावना है। मरम्मत का काम चल रहा है।
अटरिया व गंधौली फीडर से 110 से अधिक गांवों को सप्लाई की जाती है। बारिश व तेज हवा के कारण कई पोल टूट गए हैं। कई जगहों पर तारों पर पेड़ पड़े हुए हैं। अटरिया फीडर के जेई सुनील कुमार व गंधौली फीडर के जेई मोहित यादव ने बताया लाइनमैन मरम्मत करने में जुटे हुए हैं।
विकासखंड गोंदलामऊ क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों में 48 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं हुई। कुतुबनगर देवगवां उपकेंद्र से जुड़े करीब 150 गांवों में आपूर्ति बंद पड़ी है। इससे लोगों के सामने बहुत दिक्कतें आ रही हैं। कारोबार ठप हो गया है। जेई उमाकांत त्यागी ने बताया कि लाइन पेट्रोलिंग करवाई जा रही है। शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने बताया कि बारिश व तेज हवा के कारण जिले में कई जगहों पर आपूर्ति बाधित हुई है। शहर व कस्बों की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। गांवों में पोल सही किए जा रहे हैं। तार टूटने की वजह से दिक्कत आई है। टीमें बराबर मरम्मत का काम कर रही हैं।