रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को भी 117.30 मीटर पर स्थिर रहा। पानी ठहरा होने के बाद भी परमगोंडा में कटान लगातार जारी है। पिछले 24 घंटे में आठ बीघा खेती कटकर फसल समेत सरयू में समा गई। हालांकि, बाढ़ का पानी मकानों के पास होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।
परमगोंडा में कटान कर रही सरयू नदी की लहरें तबाही की नई इबारत दर्ज कर रही हैं। इस गांव में सिर्फ पांच घर ही बचे हैं। यह सभी आशियाने लहरों के निशाने पर हैं। नदी की धारा शिवकुमार, रामविजय, लालजी, नंद किशोर और रामअवतार के घरों से महज 15 से 20 मीटर ही बची है।
पिछले 24 घंटे में सरयू नदी की धारा में राजेश, रामपाल, ब्रजेश और राम विजय की एक-एक बीघा और लालजी व नंद किशोर की दो-दो बीघा जमीन कट गई है। उधर, मौसम में बदलाव से तटबंध पर रह रहे कटान पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तेज हवा के साथ बारिश ने इनका जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। तेज बारिश से इनके तंबू में रखा सारा गृहस्थी का सामान भीग गया है। इनके सामने तिरपाल में गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। भोजन बनाने और सोने की समस्या खड़ी हो गई है।
टीम कर रही सर्वे
पिछले दो दिनों से कोई घर नहीं कटा है। भूमि की कटान का सर्वे करने के लिए लेखपाल और कानूनगो की टीम लगाई गई है।
-अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद