सीतापुर। तीन ब्लॉकों के करीब सौ किसान औषधीय खेती कर अपनी आर्थिक सेहत सुधारने में लगे हैं। खास ये कि इन्हें उद्यान विभाग की ओर से उन्हें कोई अनुदान नहीं मिल रहा है, फिर भी ये अपने संसाधनों से खेती कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया से नई खेती की जानकारी लेकर उसे बढ़ावा दे रहे हैं।
बिसवां, परसेंडी, सिधौली ब्लॉक के तकरीबन सौ किसान औषधीय खेती कर रहे हैं। इसमें बिसवां ब्लॉक के कमुआ गांव निवासी प्रगतिशील किसान अशोक कुमार गुप्ता सर्वाधिक सक्रिय हैं। उनकी ओर से किसानों को जोड़ा गया है।
संबंधित किसान अश्वगंधा, ब्राह्मी, ब्लू कॉर्न, कैमोमाइल की खेती कर रहे हैं। औषधीय खेती की तकनीकी जानकारी के साथ ही बेहतर प्रजातियों के चयन के लिए केवीके कटिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डाॅ. दया शंकर श्रीवास्तव किसानों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इससे किसानों की समस्याओं का समाधान हो जाता है। कई किसानों ने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से औषधीय खेती के लिए न ही अनुदान मिला है और न ही मार्गदर्शन किया गया है।
ये किसान कर रहे औषधीय खेती
बिसवां ब्लॉक के कमुआ गांव निवासी संतोष कुमार, विनोद कुमार, रामलखन, छोटे लाल, लालाराम, राम विलास, किशोरी लाल, कैमहराकला निवासी सूरज, राजेश कुमार, भिनौनी निवासी सीतादेवी, परसेंडी ब्लॉक के टप्पा खजुरिया के किसान, सिधौली ब्लॉक के ग्राम दक्खिनवा जुगराजपुर के रितिक गुप्ता, कौरासा गांव के छत्रपाल आदि किसान अश्वगंधा,ब्राह्मी, ब्लू कॉर्न, कैमोमाइल की खेती कर रहे हैं। ये किसान कमुआ निवासी प्रगतिशील किसान अशोक गुप्ता से संवाद कर खेती कर रहे हैं।
अनुदान की नहीं है योजना
बीते दो साल से औषधीय खेती के लिए किसी किसान को अनुदान नहीं दिया गया है। इसके लिए योजना नहीं थी। सौ हेक्टेयर में सतावर, अश्वगंधा और तुलसी की खेती कराने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया है।
राजश्री, जिला उद्यान अधिकारी