थानगांव थाना क्षेत्र में एक युवक ने बाढ़ के पानी में डूब रहे युवक को अपनी जान जोखिम में डाल बचा लिया। बाराबंकी का रहने वाला रोहित रक्षाबंधन पर अपनी ससुराल आया था। इसी बीच नहाते समय वह तेज बहाव में बह गया।
बाराबंकी जिले के सूरतगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्र सिहानी निवासी रोहित (28) की ससुराल थानगांव के ग्राम मुजेहना निवासी राधेश्याम के यहां है। रक्षाबंधन पर रोहित अपनी ससुराल आया था। बुधवार को वह नहाने के लिए कुरमिन पुरवा निकट नाले पर चला गया।
इन दिनों नाले में बाढ़ का पानी चल रहा है, जिसकी वजह से नाला उफान पर है। नाले का फाट करीब आधा किलोमीटर तक बढ़ गया है। रोहित इस बात से अंजान था, उसने जैसे ही नाले में छलांग लगाई, तेज बहाव की चपेट में आ गया। जिसकी वजह से वह खुद को संभाल न सका और धार में बहने लगा।
यह देख नाले के किनारे खड़े ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। वहीं परशुराम पुरवा के उपेंद्र (22) ने अपनी जान की परवाह किए बगैर बाढ़ के तेज बहाव में छलांग लगा दी लेकिन तब तक रोहित करीब आधा किलोमीटर दूरी तक बह चुका था। उपेंद्र धार को चीरता हुआ वहां पहुंचा और रोहित को सहारा देकर नाले के पार लाने लगा।
यह देख किनारे पर खड़े कई युवकों ने छलांग लगाई और कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लिया। हालांकि इस दौरान रोहित की हालत बिगड़ चुकी थी। डूबने के कारण वह काफी पानी पी चुका था।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उपेंद्र ने अपने बुलंद हौसले के बूते रोहित की जान बचा ली। होश आने पर रोहित ने भी उपेंद्र को धन्यवाद कहा। उसने बताया कि अगर उपेंद्र ऐन वक्त पर उसे सहारा न देता, तो वह डूब गया था।