सीतापुर। नकली नोटों के मामले में बिसवां पुलिस अब पकड़े गए दोनों भाई-बहनों के अन्य साथियाें की तलाश तेज कर दी है। गैंग के सरगना की तलाश में भी लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में सामने आया है कि जिले की लहरपुर कोतवाली में चिकित्सक डॉ अल्तमश के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की प्राथमिकी भी दर्ज है।
यह प्राथमिकी कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई थी। जिसमें उसकी चिकित्सक पत्नी व एक अन्य व्यक्ति भी नामजद है। इस मामले में दोनों पति-पत्नी लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे हैं। इनके खिलाफ कोर्ट की ओर से वारंट भी जारी किया जा चुका है। पीड़ित ने चिकित्सक पर 5.31 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। इस मामले में आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हाेना बताया जा रहा है।
पुलिस को जांच के दौरान आरोपी चिकित्सक डॉ अल्तमश के पास से एक परचा भी मिला है, जिसके आधार पर उनका नाम लखनऊ के केजीएमयू व दिल्ली के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जुड़ा होने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस इसे लेकर भी जांच का दायरा कस रही है। पकड़े गए इमलिया सुल्तानपुर के हथिया मल्हपुर निवासी सोनेश्वरी भार्गव और रामपुरकलां के शंकरपुर मजरा कंदुनी निवासी अमित भार्गव आपस में भाई-बहन हैं। उनकी आरोपी चिकित्सक से करीब पांच साल पुरानी पहचान है। इसके चलते पुलिस को अंदेशा है कि दोनों-भाई बहनों ने भी अपने साथ कई लोगों को जोड़ा होगा।