अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभान सिंह ने दहेज हत्या में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील वर्मा ने की।
कमलापुर निवासी पूरन लाल ने अपनी पुत्री रामकटोरी का विवाह ग्राम सलेमपुर निवासी पुत्तीलाल के पुत्र वीरेंद्र कुमार के साथ किया था। विवाह में दान-दहेज दिए जाने के बावजूद वीरेंद्र व उसके परिवार वाले रामकटोरी को मोटर साइकिल की मांग को लेकर मारते-पीटते व प्रताड़ित करते थे।
नौ मई 2014 को वादी पूरन को पुत्री की मृत्यु होने की खबर मिली। जिस पर उसने सलेमपुर जाकर देखा तो उसकी पुत्री की लाश ससुराल में पड़ी थी। परिवार के लोग भागे हुए थे। मामले में कमलापुर थाना क्षेत्र में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
जिस पर विवेचना करते हुए पुलिस ने मृतका के पति के खिलाफ दहेज हत्या में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। हालांकि इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष द्वारा परीक्षित साक्ष्यों को पक्षद्रोही घोषित किया गया, लेकिन फिर भी न्यायालय ने उसे दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।