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मां परेशान मत होना... जल्द लौटूंगा

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रोमानिया के बुखारेस्ट में मृत्युंजय चौरसिया अपने मित्रों के साथ। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। मां, पिता जी... आप लोग परेशान मत होना। घबराने की कोई बात नहीं है। यहां के हालात खराब तो लग रहे हैं, लेकिन उम्मीद पूरी है कि मैं सही सलामत आपके पास पहुंच जाऊंगा। सरकार की ओर से बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं, इससे जल्द घर पहुंचने की उम्मीद है। यह दर्द भरी दिलासा कोई और नहीं बल्कि यूक्रेन में फंसे जिले के होनहार छात्र अपने परेशान मां-बाप को दे रहे हैं।
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रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के बीच जिले के 11 छात्र वहां फंस गए थे, इसमें रामपुर मथुरा इलाके का डेविड सही सलामत आ चुका है, जबकि कुछ आने की कोशिश में हैं तो कुछ छात्र अभी भी वहां पर फंसे हैं। ऐसे में इन सभी को सही सलामत लाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दिन पर दिन बुरे हो रहे हालातों को देखते हुए युक्रेन समेत अन्य स्थानों पर फंसे छात्रों के परिजनों का हाल बुरा है। आलम तो यह है कि मां-बाप सुकून का एक निवाला भी नहीं ले रहे पा रहे हैं।
गुरुवार शाम को साढ़े चार का वक्त था। शहर के घूरामऊ बंगला निवासी भरत नरायण यूक्रेन में फंसे अपने बेटे कौटिल्य विष्णु से बात कर रहे थे। पूरे परिवार की एक-एक कर बात हुई। कौटिल्य ने अपनी नानी से भी बात की। इसके बाद मां से बात की। मां को गमगीन देख बेटा बोला, मां परेशान मत हो। फ्लाइट आने का इंतजार है। मिलते ही आपके पास आ जाऊंगा। बेटे के मुंह से यह खुशखबरी सुनकर कौटिल्य की मां के चेहरे पर लाल की मुस्कान बिखर गई। यह कहानी सिर्फ इकलौते कौटिल्य और उनके परिवार की नहीं बल्कि जिले के फंसे सभी छात्रों के घरों में इन दिनों गम और खुशी का माहौल है।
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फ्लाइट में बैठने जा रहे हैं...
यूक्रेन में फंसे कस्बे के प्रेमनगर निवासी मृत्युंजय चौरसिया के जल्द घर आने की उम्मीद अब बढ़ गई है। गुरुवार को उन्होंने रोमानिया के बुखारेस्ट के शेल्टर होम से घर में फोन कर परिजनों को बताया कि वह फ्लाइट पर बैठने के लिए यहां से आगे के लिए निकल रहे हैं। यहां से फ्लाइट पर सवार होने के बाद जल्द घर पहुंच जाएंगे। उनकी बात सुनकर परिवार के कलेजे को ठंडक पहुंची। जान में जान आई है।
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