इसे विभागीय चूक कहें या कुछ और। सीतापुर में जिला पंचायत सदस्य पदों की 79 सीटें हैं। जबकि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सीतापुर की जिला पंचायत सदस्य पदों की सीटें 93 दिख रही हैं। वहीं, जिला पंचायत सदस्य पदों के चुनाव के लिए चक्रवार ब्योरा फीड किया है, मगर ये आंकड़े चुनावी प्रक्रिया पर सवालिया निशान भी लगा रहे हैं। सीटों के मसले पर सवाल करने पर जिला प्रशासन इसमें उलझ गया है। हालांकि, प्रशासन पहले दौर की नामांकन प्रक्रिया कराने में जुटा है।
सीतापुर जिले में पहले 62 जिला पंचायत सदस्य की सीटें थीं। पर इस बार नए परिसीमन में सीटें बढ़ाकर 79 कर दी गई हैं। नई सीटों पर ही चुनावी प्रक्रिया होनी हैं। चुनावी प्रक्रिया सकुशल निपटाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को हाईटेक बनाने में जुटा है।
इन्हीं कवायदों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर सीतापुर जनपद की सीटवार ब्योरा फीड किया गया है, इसमें 79 सीटों की जगह 93 सीटों का आंकड़ा दर्शाया गया है। जिले में पहले चरण के चुनाव में सिधौली-5, मिश्रिख-5, गोंदलामऊ-5, कसमंडा-5, मछरेहटा-4 कुल 24 सीटों पर चुनाव होना है।
इसी तरह दूसरे चरण में एलिया-5, खैराबाद-5, परसेंडी-4, महोली-4 व पिसावां-6 सहित कुल 24 जिपं सीटों पर चुनाव होना है। तीसरे चरण में हरगांव-6, बिसवां-6, पहला-4 व महमूदाबाद-4 सहित कुल 20 सीटों पर चुनाव कराने की तैयारी है। चौथे चरण में रेउसा-6, सकरन-5, रामपुर मथुरा-5, बेहटा-5, लहरपुर-4 सीटों का बटवारा किया गया है। इस लिहाज से चारों चरणों में कुल 93 जिला पंचायत की सीटें हो रही हैं।
पर वास्तव में यहां 79 जिला पंचायत सदस्य की सीटें हैं। जिसके कारण अफसरों ने जिले में जिला पंचायत सदस्य की 14 सीटें बढ़ा दी हैं। बढ़ी हुई ये 14 सीटें कौन सी हैं, इसका जवाब जिम्मेदार अफसरों के पास नहीं है।
जिम्मेदार अफसर सीटों के बटवारे की गणित में उलझ कर रह गए हैं। जिले में जिला पंचायत की 79 सीटों का ही हिसाब अफसर नहीं लगा पाए। इसके कारण हड़बड़ी में 14 सीटें बढ़ गईं। जिला प्रशासन अब बढ़ी हुई सीटों को शामिल कर चुनाव कराने में जुटा है, लेकिन अब तक उसे खबर नहीं कि इन सीटों का गणित कहां से गड़बड़ हुआ है।