सीतापुर। तहसील परिसर में काफी समय से चल रहे एक चौंकाने वाले फर्जीवाड़े का शनिवार को भंडाफोड़ हुआ है। अपात्रों को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ देने के रैकट का खुलासा होने पर अफसरों के होश उड़ गए हैं। तहसील सदर के एक लेखपाल के फर्जी हस्ताक्षर कर कई आवेदन राजस्व निरीक्षक के दफ्तर में जमा किए गए थे। इसकी भनक लगने पर लेखपाल ने अफसरों को जानकारी दी। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले लोकवाणी संचालक को पकड़ लिया है।
तहसील सदर के लेखपाल सर्किल रामपुर टिकवापारा के लेखपाल राधेश्याम यादव के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पारिवारिक लाभ योजना के 11 आवेदकों को अवैधानिक रूप से लाभ पहुंचाने वाले लोकवाणी संचालक मनोज कुमार को लेखपाल की सजगता से पकड़ा गया है। राजस्व निरीक्षक सदर राजेश शुक्ला के दफ्तर में ग्राम रामपुर टिकवापारा के योजना के तीन आवेदन पत्रों को जब शनिवार को लेखपाल राधेश्याम यादव ने देखा, तो उसमें उनके फजी हस्ताक्षर मिले।
इस पर उन्होंने आपत्ति करते हुए खोजबीन किया तो मालूम हुआ कि तहसील प्रांगण में दुकान में लैपटॉप रखकर लोकवाणी का संचालन करने वाले मनोज कुमार द्वारा आवेदन जमा किए गए हैं। इसकी जानकारी तहसीलदार संजय यादव एवं एसडीएम अमित भट्ट को दी गई। कोतवाली पुलिस को बुलाया गया। कोतवाल टीपी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों की मौजूदगी में मनोज कुमार को पकड़ा गया। उसका लैपटॉप और दुकान में मौजूद योजना के अन्य तमाम आवेदन भी जब्त किए गए।
आरोपी ने समाज कल्याण विभाग के कुछ और की संलिप्तता भी बताई है, जिस पर वहां जाकर पूछताछ की गई। इस फर्जीवाड़े में कई और के भी शामिल होने की बात आरोपी ने कुबूली है। इसके बाद प्रशासन ने तहसील परिसर की एक अन्य दुकान को बंद कर दिया है। संचालक की तलाश की जा रही है। शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पूछताछ जारी है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों को दिया जा रहा था योजना का लाभ
परिवारिक लाभ योजना के जिन आवेदनों को अवैधानिक रूप से पात्र करने का खेल रचा गया, वह सभी आठ से 15 साल पूर्व के मृतक थे। लेखपाल राधेश्याम यादव ने बताया इस ग्राम के दस आवेदन जिनके नाम गुडाना, रामरती, रानी, श्रीदेवी, आशा, कांती, सुखरानी, श्यामपती, रम्भा एवं मनीषा है, इन पर उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं। इनके पति की मौत करीब आठ से 15 साल पूर्व हुई है।
सात साल पहले की जांच पर नहीं हुई कार्रवाई
करीब सात साल पूर्व शासन के निर्देश पर तीन अफसरों ने पारिवारिक लाभ योजना से लाभान्वित लोगों के आवेदनों की रेंडम जांच की थी। इसमें कई ऐसे लाभार्थी पाए गए थे, जिनकी मौत कई साल पहले हुई थी। साथ ही बिसवां नगर की एक ऐसी लाभार्थी पाई गई थी, जो मूल पते पर निवास करती नहीं पाई गई। संबंधित अफसरों ने जांच रिपोर्ट तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत की थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोकवाणी संचालक मनोज कुमार द्वारा पारिवारिक लाभ योजना एवं शादी अनुदान के आवेदनों को गलत तरीके से तैयार कर लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा था। इसमे और लोग भी शामिल हैं। इसकी जांच की जा रही है।
- अमित भट्ट, एसडीएम सदर
तहसील से कई आवेदन ऑनलाइन स्वीकृत किए गए हैं, जिसकी हार्ड कापी दफ्तर को नहीं भेजी गई है। कानूनन आवेदन पर लेखपाल समेत अन्य जिम्मेदारों के हस्ताक्षर के बाद ही आवेदन स्वीकृत करने चाहिए।
- राजेश कुमार, समाज कल्याण अधिकारी