नैमिषारण्य (सीतापुर)। अगर आप नैमिष दर्शन के लिए आना चाहते हैं और होटल में कमरे का महंगा किराया देने में असमर्थ हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।
आप अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डॉरमेट्री में बेहद कम कीमत पर ठहर सकेंगे। यहां पर्यटकों की सुविधा के सभी जरूरी इंतजाम हैं। सात करोड़ की लागत से डॉरमेट्री लगभग बनकर तैयार है। पर्यटन विभाग मार्च में इसका शुभारंभ करने की कवायद कर रहा है। यहां 278 पर्यटकों के ठहरने का इंतजाम है। नैमिषारण्य को सतयुग का तीर्थ कहा जाता है।
मान्यता है कि यहां 84 कोस की परिधि में स्वयं देवादिदेव के साथ 33 कोटि देवताओं व साढ़े तीन करोड़ तीर्थों का वास है। नैमिष की महत्ता को देखते हुए यहां देश-विदेश से प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन व विभिन्न तरह के धार्मिक अनुष्ठान करने आते हैं। योगी सरकार नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद का गठन कर इसे भव्य व दिव्य स्वरूप प्रदान करने में जुटी हुई है।
सरकार ऐसे श्रद्धालुओं व पर्यटकों का भी ध्यान रखते हुए यहां काम करा रही है, जो कम बजट पर दर्शन-पूजन करने आते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं को होटलों में कमरे का महंगा किराया न देना पड़े इसके लिए चक्रतीर्थ के पास उड़िया आश्रम के पीछे डॉरमेट्री का निर्माण कराया गया है। सात करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई डॉरमेट्री में 278 बेड हैं। डॉरमेट्री मार्च में श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी जाएगी। अभी किराया तय नहीं किया गया है। अनुमान के मुताबिक एक बेड का किराया 100 रुपये तय किया जा सकता है।
दो मंजिल में बने हैं पांच हाॅल
डॉरमेट्री का भवन दो मंजिल का है। इसमें पांच हॉल बनाए गए हैं। तीन हॉल नीचे जबकि दो ऊपरी मंजिल पर हैं। इसमें डाइनिंग हॉल, वेटिंग रूम, किचन, शौचालय, बाथरूम आदि की सुविधा भी है।
लाल पत्थर से दिया आकर्षक लुक
डॉरमेट्री के सामने वाले हिस्से में राजस्थान के धौलपुर का लाल पत्थर लगाया गया है। धौलपुरी लाल पत्थर से मंदिर की तरह कलाकृति उभारी गई है। बाहर से देखने में इसका लुक मंदिर की तरह लगता है। लाल पत्थर से खूबसूरत जाली भी उभारी गई है।
मार्च में होगा शुभारंभ
डॉरमेट्री लगभग बनकर तैयार है। इसमें 278 बेड हैं। मार्च के अंतिम सप्ताह तक डॉरमेट्री शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. कल्याण सिंह, उपनिदेशक पर्यटन विभाग