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Sitapur News: भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर रहे श्रद्धालु

Mon, 10 Aug 2026 09:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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भोलेनाथ के दर्शन करते भक्त
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सीतापुर। सावन के दूसरे सोमवार को जिलेभर के शिवालय आस्था और भक्ति से सराबोर रहे। भोर होते ही श्रद्धालुओं की कतारें मंदिरों के बाहर लगने लगीं। हाथों में गंगाजल, दूध और पूजा सामग्री लिए शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और ऊं नम: शिवाय के जयकारों से शिवालय गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक और भंडारे भी हुए।
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शहर के श्यामनाथ, जंगलीनाथ, त्रिकोणनाथ और ताड़कनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध-दही, घी-शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूब, श्रीफल, शहद और पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक किया। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। व्रत रखे श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में लीन रहे।
सिधौली के सिद्धेश्वर मंदिर, कमलापुर के नागेश्वरनाथ धाम, बिसवां के पत्थर शिवाला और महमूदाबाद के संकटा देवी मंदिर परिसर स्थित शिव प्रतिमा पर भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी सक्रिय रहीं।
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बोल बम के जयकारों से गूंजा देवदेवेश्वर मंदिर
नैमिषारण्य। सावन के दूसरे सोमवार को नैमिषारण्य तीर्थ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देवदेवेश्वर मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा भूतेश्वरनाथ, सिद्धेश्वरनाथ, काशी विश्वनाथ और महामृत्युंजय मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन और जलाभिषेक किया।
बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा तीर्थ क्षेत्र गूंजता रहा। देवदेवेश्वर घाट पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रही। एसडीएम मिश्रिख दीपक गुप्ता और थाना प्रभारी नवनीत मिश्रा पुलिस बल के साथ व्यवस्था संभालते रहे। यातायात सुचारु रखने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई थी।
बाबा देवदेवेश्वर के दर्शन के लिए हजारों कांवड़िये रविवार से ही कतारबद्ध रहे। कांवड़ में गोमती नदी का जल लेकर श्रद्धालु श्यामनाथ और गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना होते दिखाई दिए। रविवार देर रात करीब 12 बजे जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने देवदेवेश्वर मंदिर और घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रवेश द्वार और बाईपास रोड पर अंधेरा
नैमिषारण्य। देवदेवेश्वर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास शिव शक्ति आश्रम के आसपास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा पसरा रहा। अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास सुरेश दास अवस्थी ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि मंदिर प्रवेश द्वार के पास शिव शक्ति धाम के सामने प्रकाश व्यवस्था की समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई थी। इसके बावजूद कांवड़ियों को अंधेरे में ही आवागमन करना पड़ा।

दंडवत करते हुए मंदिर पहुंचे श्रद्धालु
लहरपुर। सावन के दूसरे सोमवार को प्रसिद्ध बाबा जंगलीनाथ मंदिर और सूर्यकुंड मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगा। कई श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना लेकर दंडवत करते हुए मंदिर पहुंचे।
भोलिया बाबा मंदिर, दयालु बाबा मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर और सतेश्वर महादेव समेत अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। बाबा जंगलीनाथ मंदिर परिसर और आसपास कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में मेले का भी आयोजन हुआ, जहां बच्चों ने झूलों और अन्य मनोरंजन के साधनों का आनंद लिया।

भोलेनाथ के दर्शन करते भक्त

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