स्नान के बाद दान कर मां ललिता देवी, कालीपीठ, भूतनाथ, सूत गद्दी, हनुमान गढ़ी, देवपुरी समेत तीर्थ के समस्त दर्शनीय स्थलों में दर्शन कर माथा टेका।
अनंत फ ल प्रदान करने वाली अधिक मास की अमावस्या में स्नान दान का विशेष महत्व है। गुरुवार को सुबह से ही हो रही बारिश से मेले में श्रद्धालुओं की संख्या प्रभावित रही। 10 बजे के बाद जैसे-जैसे समय बीतता गया। भक्तों की भीड़ जय माता दी के जयकारे लगाते हुए बढ़ती गई।