घने कोहरे में धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
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समूचा जिला घने कोहरे की चादर में सुबह तक लिपटा रहा। शुक्रवार देर रात से घने कोहरे की धुंध छाने लगी थी। यह धुंध शनिवार सुबह दस बजे तक छाई रही। इससे सामान्य जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है।
इसके चलते रेल व बस सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई। कोहरे का आलम यह रहा कि सुबह कोहरे में चालकों को हेड लाइट जला कर अपने वाहन चलाने पड़े। सड़कों पर बसों के अलावा अन्य वाहन भी धीमी गति से ही चलते नजर आए। शनिवार को घने कोहरे से विजिबिलटी दो किलोमीटर थी।
कोहरे से मौसम में 47 प्रतिशत नमी रिकॉर्ड की गई। दिन का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं ओस गिरने का मानक (ड्यू प्वांइट) 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोहरे के चलते लगभग सभी ट्रेनें व बसें लेट रहीं।
कोहरा बढ़ने के साथ ही अलाव जलवाने की मांग भी तेज हो गई है। आठ बजे के बाद जाने वाली बसें कोहरे के कारण आधी स्पीड में भी नहीं चल पा रही हैं। अधिसंख्य बसें अपने निर्धारित समय से घंटा भर की देरी से चल रही है। सर्दी के कारण बिजली की खपत पर भी असर पड़ा है। शहर में कोहरा फैलने के समय बिजली गुल रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों का तो हाल बेहद बुरा है। शाम को बिजली न होने से रास्ता दिखना तक मुश्किल होता है।
दो घंटे देरी से चल रहीं ट्रेनें
सीतापुर। कोहरे के चलते तीस मिनट से लेकर दो घंटे तक ट्रेनें देरी से चल रही हैं, हालांकि इससे निपटने के लिए ट्रेनों के इंजन में फॉग लाइटें लगी हैं। बावजूद इसके यहां के ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार थमने लगी है। यही वजह है कि यहां पर कई ट्रेनें विलंब से चल रही है। जिससे यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ीं।