सीतापुर। सकरन थाना क्षेत्र में तीन दिन पूर्व दहेज के लिए पीटकर घर से निकाली गयी विवाहिता का शव संदिग्ध हालात में किवानी नदी में उतराता मिला। पुलिस ने शव नदी से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका के मायके वालों ने पुलिस पर तत्काल कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जिसके चलते सीओ सहित कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। साथ ही मामले में पुलिस ने मृतका के पति समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
तंबौर थाना क्षेत्र के कोडऱी गांव निवासी जगदीश यादव बताया कि उसने अपनी पुत्री निशा (25) की शादी पांच वर्ष पूर्व सकरन थाना क्षेत्र के भडौली गांव निवासी राकेश यादव से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुए निशा को पीटने व प्रताड़ित करने लगे थे।
आरोप है कि तीन दिन पहले पति, देवर व सास-ससुर ने मिलकर निशा को पीटा था। इसके बाद से वो लापता हो गई थी। इसकी सूचना जब मायके वालों को मिली तो निशा के पिता जगदीश ने सकरन थाने पर तहरीर देकर उक्त लोगों पर दहेज की खातिर उसे पीटकर गायब करने का आरोप लगाया था।
इसके बाद मंगलवार सुबह थाना क्षेत्र में ताजपुर सलौली गांव के किनारे किवानी नदी में एक महिला की लाश उतराती देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लाश नदी से निकलवाई। इस बीच सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने मृतका की पहचान निशा के रूप में की। मायके वालों ने सकरन पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मामला तूल पकड़ते देखकर एसओ सकरन ने सीओ बिसवां व उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद सीओ बिसवां पीयूष कुमार के अलावा रेउसा, बिसवां, तम्बौर आदि थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गयी। सीओ पीयूष कुमार के समझाने व कार्रवाई के आश्वासन पर मायके वाले शांत हुए। तब पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मामले में पुलिस ने पति, देवर, सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पति राकेश को गिरफ्तार कर लिया है।