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बाढ़ राहत कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं : महेंद्र सिंह

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सीतापुर। प्रदेश के जलशक्ति, सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती व गोंडा और बाराबंकी व सीतापुर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
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इससे पहले उन्होंने बलरामपुर का भ्रमण कर बाढ़ से बचाव हेतु तटबंधों पर कराये गये निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को संभावित बाढ़ से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
जलशक्ति मंत्री ने मंगलवार को सबसे पहले बलरामपुर जनपद में बाढ़ से बचाव कार्यों के निरीक्षण के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर मौजूद अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बेलहा चरनगहिया तटबंध के निर्माण से दो गांवों की 55 हजार आबादी को सुरक्षित किया गया है।
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तटबंध पर अधिकांश कार्य पूरे हो गये हैं। शेष कार्यों को अतिशीघ्र पूरा करा लिया जायेगा। इस दौरान सदर विधायक पलटूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा, अपर मुख्य सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश आदि अधिकारी मौजूद रहे।
बलरामपुर के निरीक्षण के बाद डॉ. महेंद्र सिंह ने सर्किट हाउस गोंडा में आयुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें गोंडा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में की गई तैयारियों, व्यवस्थाओं व कराए जा रहे कार्यों की उन्होंने विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून पहले आ गया है।
इसके साथ ही लॉकडाउन के बावजूद गोंडा में तीन-चार महीने में पूरे होने वाले कार्यों को एक से डेढ़ माह में त्वरित गति से पूरा करके सेफ जोन में लाया गया है। जलशक्ति मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिसंवेदनशील स्थानों पर कैंप लगाए जाएं और जनरेटर, इमरजेंसी लाइट, हाईलोजन, टॉर्च आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बताया गया कि बाढ़ के मद्देनजर टीकाकरण, राशन, दवाओं आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस वर्ष नदी में ड्रेजिंग कार्य कराकर धारा परिवर्तन का कार्य कराया गया है। मंत्री ने बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान देने को कहा कि किसी भी दशा में जनहानि न होने पाए। उन्होंने सरयू परियोजना का कार्य दिसंबर तक पूर्ण कराने का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि सरयू नहर परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण शीघ्र ही पूर्ण कराकर परियोजना का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी. वेंकटेश ने कहा कि बाढ़ के दृष्टिगत कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए और इसका रजिस्टर मेनटेन किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। आयुक्त देवीपाटन ने मंत्री को मंडल के सभी जनपदों में स्थापित बाढ़ चौकियाें तथा अन्य तैयारियों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ या आपदा की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें सतर्क हैं। बैठक में आयुक्त देवीपाटन मंडल महेंद्र कुमार, डीआईजी डॉ. राकेश सिंह, डीएम डॉ. नितिन बंसल, मेहनौन विधायक विनय द्विवेेदी, जिलाध्यक्ष सूर्य नारायण तिवारी सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
जलशक्ति मंत्री ने बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच व श्रावस्ती जनपद का भी हवाई सर्वेक्षण करके बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तटबंध के संवेदनशील स्थानों पर कैंप लगाकर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने बाढ़ से संवेदनशील स्थलों व तटबंधों पर सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे से नजर रखने की हिदायत दी।
जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि बाढ़ से फसलों तथा जन-धन की हानि किसी भी दशा में न होने पाए। इसके लिए संबंधित विभाग अपनी सभी तैयारियां समय से पूरी कर लें। सिंचाई विभाग तथा अन्य विभागों का ये नैतिक दायित्व है कि मुख्यमंत्री के संकल्पों पर खरा उतरें एवं बाढ़ व राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न होने दें। इसमें जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तटबंध के निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्री ने राप्ती नदी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि सभी नदियां मां के समान हैं और ये पूरी मानवता को जीवन प्रदान करती हैं। इनकी निर्मलता एवं पवित्रता बनाये रखने के लिए सभी लोगों को जागरूक करना चाहिए।
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