बिसवां इलाके में जांच करने पहुंचे डीडीओ। - संवाद
मास्टरबाग। बिसवां क्षेत्र पंचायत के कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत के सात माह बाद जांच शुरू की गई है। डीडीओ ने शनिवार शाम बिसवां ब्लॉक व टेड़वा गांव में कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। इसके बाद अभिलेखों का अवलोकन किया। हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस अवधि में ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड फर्जी बिल भुगतान के वाउचर हटा देने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रवादी युवा मंच के अध्यक्ष एसके तूफानी ने नवंबर 2025 को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बिसवां क्षेत्र पंचायत के कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने की मांग की थी। बिसवां में ब्लॉक परिसर व इलाके की कई ग्राम पंचायतों में कराए गए करोड़ों के विकास कार्यों में फर्जी बिल भुगतान अपलोड करने का आरोप था।
इस मामले में डीडीओ व बीडीओ शनिवार शाम तीन घंटे से अधिक समय तक जांच-पड़ताल करते रहे। संगठन के जिलाध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष अवध क्षेत्र उत्तर प्रदेश एसके तूफानी ने जांच टीम के सामने ठोस सबूत रखे। शिकायतकर्ता ने बताया कि जांच करीब सात महीने बाद शुरू हुई है। इसके पहले ही ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड फर्जी बिल भुगतान के वाउचर मिटा दिए गए।
शिकायत के समय जो स्क्रीनशॉट दिए गए थे, उसमें बिल की जगह जेपीजी फोटो था। 10 जुलाई 2026 को जब दोबारा पोर्टल चेक किया गया तो वहां भी जेपीजी फोटो ही थे, लेकिन डीडीओ की जांच वाले दिन 25 जुलाई को पीडीएफ अपलोड मिली। यह संदेहास्पद है।
शिकायकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि तत्काल एनआईसी से ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के लॉग, आईपी एड्रेस और बैकअप की जांच कराई जाए। दोषियों पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
बिसवां के खंड विकास अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि डीडीओ जांच करने आए थे।
उन्होंने कुछ दस्तावेज मांगे और उनका अवलोकन किया। इसके बाद कुछ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण पर चले गए। जांच में क्या पाया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।