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बेटियों के जज्बे को सलाम, शोक में भी संभाला पिता का कारोबार

Mon, 12 Jun 2017 10:21 PM IST
सीतापुर
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सीतापुर के राजाबाजार में दुकान पर लेन-देन करती दिवंगत व्यापारी की बेटियां। - फोटो : अमर उजाला
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शहर का राजा बाजार पांच रोज से सन्नाटे में था पर सोमवार को यहां चहल-पहल दिखी। जिस सुनील जायसवाल की दुकान के शटर बीते पांच दिनों से बंद थे, उसके शटर सोमवार को खोले गए। सिर्फ शटर ही नहीं खोले गए, बल्कि पहले की तरह दुकानदारी भी की गई। यह दुकानदारी मंगलवार रात ट्रिपल मर्डर में मारे गए दाल व्यापारी की बेटियों ने की। जिसने भी इन बेटियों को देखा, वह उनके जज्बे को सलाम किए बिना नहीं रह सका।
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बीते मंगलवार को शहर के बड़े दाल व्यापारी सुनील जायसवाल घर के सामने सशस्त्र बदमाशों ने सुनील जायसवाल, उनकी पत्नी कामिनी देवी व पुत्र ऋतिक जायसवाल की हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद उनकी दुकान जो बंद पड़ी थी।

सोमवार को सुनील जायसवाल की पुत्री ऋचा व सोनम सुबह नौ बजे राजा बाजार पहुंची, दुकान का ताला खोला और दुकान की सफाई भी की। पहले तो बाजार के दुकानदारों ने सोचा कि हो सकता है कि दोनों बेटियां यहां पर कुछ समय के लिए जरूरी कागजात लेने आई हों, लेकिन जब एक बेटी अपने पापा की सीट पर बैठ गई और दूसरी बेटी वहीं करीब में खड़ी होकर बाजार आने वाले ग्राहकों से बात करने लगी।
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तब लोगों का भ्रम टूटा। दोनों बेटियां सोमवार को एक मंझे हुए व्यापारी की तरह दुकानदारी करती हुई नजर आईं। जो भी ग्राहक दुकान पर पहुंचा, बेटियों ने उनसे एक व्यापारी की तरह ही बात की और दाल का रेट बताया। बेटियों का यह जज्बा देख व्यापारी उन्हें सलाम किए बिना नहीं रह पाए।

सोचा नहीं था कि कभी इस गद्दी पर बैठ दुकान संभालनी पड़ेगी : एक वक्त था जब ऋचा व सोनम  कभी कभी अपने पापा की गोद में बैठकर राजा बाजार की दुकान पहुंचती थीं। वो भी कुछ समय के ही लिए, कुछ देर दुकान पर उछल-कूद मचाने के बाद उनके पापा सुनील जायसवाल खाने-पीने की चीज लेकर उन्हें घर भेज देते थे।

क्या वक्त था वो, जब बेटियों को पापा बार-बार हिदायत देते थे, बेटा ऐसा न करो, बेटा सड़क की तरफ मत जाओ, बेटा शैतानी न करो। एक आज का वक्त था, कि बेटियां उस दुकान पर मौजूद थीं, लेकिन उन्हें समझाने वाले पापा आज वहां पर मौजूद नहीं थे।

दुकान पर पहुंचते ही दोनों बेटियों की आंखों में गुजरे वक्त की तस्वीर आने लगी। सोनम बस इतना ही बोल सकी, कि सपने में भी नहीं सोचा था, कि ऐसा भी वक्त आएगा, जब दोनों बहनों को ही दुकान संभालनी पड़ेगी। 

पुलिस ने तीन गैंगों पर गड़ाई नजर : तिहरे हत्याकांड व लूट की वारदात को लेकर पुलिस माथापच्ची में जुटी है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस सबूत मिलते नहीं दिख रहे। हालांकि मामले की पड़ताल में जुटी एक सुरक्षा एजेंसी के सूत्र की मानें तो पुलिस हत्या व लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले तीन गैंगों पर नजर गड़ा दी है।

माना जा रहा है कि इन्हीं में से एक गैंग के लोगों ने शायद इस वारदात को अंजाम दिया है। सुरक्षा एजेंसी के सूत्र की मानें तो पुलिस को बदमाशों की टोल मिलने लगी है। माना जा रहा है कि इन्हीं तीन गैंगों में से किसी ने वारदात को अंजाम दिया। सूत्र यहां तक बताते हैं कि कुछ ऐसे लोग पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।

जिनके जरिए पुलिस को लुटेरों तक पहुंचने का क्लू मिलता नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस उन लोगों के पास से लूटे गए माल की बरामदगी नहीं कर पाई है। पुलिस लूटे गए माल, बैग, चाभियां आदि की तलाश में है। जब तक लूटा गया सामान नहीं मिलता, तब तक तक पुलिस पूरी तरह दबोचे गए लुटेरों की बातों पर यकीन नहीं कर रही। एएसपी उत्तरी मधुवन कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस टीमें लगी हैं। सारे प्रयास किए जा रहे हैं।
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