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Sitapur News: बिटिया बन जाए दरोगा...माता-पिता ने भी दी परीक्षा

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अपनी बिटिया सुषमा को मैगलगंज से परीक्षा दिलाने आईं श्यामा कुमारी। - फोटो : अपनी बिटिया सुषमा को मैगलगंज से परीक्षा दिलाने आईं श्यामा कुमारी।
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सीतापुर। एसआई की परीक्षा में अभ्यर्थी जिस लगन से सफल होने को लेकर प्रयास कर रहे थे, उसी तरह उनके परिजन मां, बहन, पिता, भाई भी परीक्षा केंद्रों के बाहर बैठकर उनकी सफलता की कामना करते रहे। न तो परीक्षा दे रही बेटी ने खाना खाया न ही बाहर बैठी मां ने मुंह जूठा किया। मां बोली, जब बेटी बाहर आएगी तभी खाना खाऊंगी। इस तरह का नजारा जीआईसी, आरआरडी व आरएमपी डिग्री कॉलेज के बाहर दिखाई दिया। मैगलगंज से आईं श्यामाकुमारी बिजली विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। वह जीआईसी के बाहर बैठी हुई थीं। उन्होंने बताया कि बेटी सुषमा परीक्षा देने के लिए अंदर गई हुई है। तड़के सुबह घर से निकली थीं। हल्का फुल्का नाश्ता किया है। घर से खाना लाई हूं, जब बेटी बाहर आएगी तो उसके बाद ही खाना खाऊंगी। श्यामा ने बताया कि बेटी ने बहुत मेहनत की है। ईश्वर से कामना कर रही हूं कि बेटी को सफल बना दें। आरआरडी केंद्र के बाहर बैठे रघुराज लखीमपुर से आए थे। उन्होंने कहा, बेटे ने दरोगा बनने का सपना देखा था। वह कई साल से तैयारी कर रहा था। बेटे ने संकल्प लिया है जब तक सफल नहीं हो जाएगा, तब तक परिश्रम करता रहेगा। इसी तरह उपेंद्र ने बताया कि बहन रोमी परीक्षा देने गई है। उसने वर्दी पहनने का सपना पाला है। बहन के सपने को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। मैगलगंज से आईं श्यामा कुमारी ने बताया कि वह अपनी बेटी सुषमा को लेकर परीक्षा केंद्र आई हैं।
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तपती धूप में पेड़ की छांव के नीचे बैठी श्यामाकुमारी ने बताया कि उनका बस एक ही सपना है। उनकी बिटिया दरोगा बन जाए तो उसके लिए कोई अच्छा खानदान ढूंढकर धूूमधाम से शादी कर दें। बिटिया अपने पैरों पर खड़ी रहेगी तो जीवन आसान हो जाएगा।
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