सपा मुखिया के निर्देशों के बावजूद मंत्री व विधायक सत्ता की हनक दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को सदर तहसील में कारागार राज्यमंत्री का परिवार सत्ता की हनक के साथ लालबत्ती लगी सरकारी कार से प्रमाण पत्र लेने पहुंच गया।
जबकि प्रदेश में पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू है। अलबत्ता वहां पर तैनात प्रशासनिक अमले ने भी आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते मंत्री के परिवार से यह पूछना भी मुनासिब नहीं समझा कि आखिर किस नियम के तहत वे मंत्री की सरकारी वाहन को इस्तेमाल कर रहे हैं।
तहसील में मंगलवार को जिला पंचायत पद के विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जा रहे थे। दोपहर के डेढ़ बजे कारागार राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी की कार तहसील गेट पर नजर आई। लालबत्ती लगी कार को देखते ही वहां पर मौजूद अमला हरकत में आ गया।
लोगों ने समझा या तो कोई पर्यवेक्षक पहुंचा है, या फिर मंत्री ही यहां आ गए। वर्दीधारियों ने सेल्यूट ठोकना शुरू कर दिया। कार जब तहसील परिसर में पची तो उसमें से मंत्री के पुत्र मनोज राजवंशी, प्रदीप राजवंशी व बहू संगीता देवी बाहर निकले।
सरकारी गाड़ी में परिवार को देख वहां मौजूद अमले को थोड़ी खीज महसूस हुई। क्योंकि कुछ पल पहले उन्होंने मंत्री समझकर सेल्यूट ठोका था। करीब आधा घंटे तक तहसील में समय बिताने के बाद मंत्री के दोनों पुत्र व बहू उसी लालबत्ती लगी सरकारी कार में बैठकर घर रवाना हो गए।