मिश्रिख (सीतापुर)। मिश्रिख के दधीचि कुंड की अब सूरत संवरेंगी। 2.88 करोड़ की लागत से कुंड का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां पर जलनिकासी, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य समस्याओं को दुरुस्त किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
मिश्रिख का पौराणिक दधीचि कुंड अव्यवस्था का शिकार हो गया है। सबसे अधिक दिक्कत जलनिकासी की है। जलनिकासी न होने से एक ही जगह पर पानी जमा रहता है। कुंड में मछलियां होने से आक्सीजन न मिल पाने के कारण हर बरस काफी तादाद में वे मर जाती है।
मछलियां मरने की पिछले दो साल में लगातार घटनाएं हो चुकी है। शाम होते ही कुंड पर अंधेरा छा जाता है। जबकि सुबह शाम यहां पर लोग मछलियों को दाना पानी खिलाने आते है। जब अंधेरा होता है तो श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतें आती है। यहां पर हर समय गंदगी फैली रहती है।
इस कुंड के सौंदर्यीकरण को लेकर काफी समय से साधु संत आवाज उठा रहे थे। अब शासन ने इस पर गंभीरता दिखाई है। करीब दो करोड़ 88 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इस बजट से यहां पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। जलनिकासी का इंतजाम किया जाएगा।
कुंड की बाउंड्रीवाल बनाकर उसको सुरक्षित किया जाएगा। जिससे आवारा पशु कुंड तक न पहुंच सकें। प्रकाश व्यवस्था को चाक चौबंद किया जाएगा। हाईमॉस्ट लाइटें लगवाई जाएगी। इससे यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधाएं मिलेंगी। शासन ने बजट को मंजूर कर दिया है। उम्मीद है जल्द ही इससे विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।
स्थान का है पौराणिक महत्व
दधीचि कुंड का पौराणिक महत्व है। महर्षि दधीचि ने मानव रक्षा के लिए अपना शरीर दान दे दिया था। इसके बावजूद इस स्थान की उपेक्षा की जा रही है। अब अगर सौंदर्यीकरण होगा तो श्रद्धालुओं को सहूलियतें मिलेंगी।
- महंत देवानंद गिरी
अव्यवस्था का है शिकार
दधीचि कुंड अव्यवस्थाओं का शिकार हो चुका है। यहां पर सुविधा नहीं है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी अव्यवस्था देखकर जिम्मेदारों की व्यवस्था को कोसते नजर आते हैं। इससे देश विदेश में यहां की छवि भी धूमिल होती है।
- महंत ओमपुरी
दधीचि कुंड के सौंदर्यीकरण को लेकर इससे पहले तैनात एसडीएम द्वारा कई बार पत्राचार किया जा चुका है। पर्यटन विभाग द्वारा कुंड के सौंदर्यीकरण को लेकर प्लान बनाया जा रहा है।
- चंदकांत त्रिपाठी, प्रभारी एसडीएम