फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: एजेंसी से दे रहे सिलिंडर, चार्ज होम डिलीवरी का

Wed, 18 Mar 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
फोटो 56खैराबाद के नवोदय विद्यालय में चूल्हे पर बनता खाना। संवाद
विज्ञापन
सीतापुर। इसे सिलिंडर पाने की आपाधापी कहें या जानकारी का अभाव। उपभोक्ता घंटों लाइन लगाकर सिलिंडर घर लेकर आते हैं। इसके बाद भी एजेंसियां होम डिलीवरी चार्ज वसूल रही हैं। दरअसल, सिलिंडर की कीमत में होम डिलीवरी का चार्ज भी शामिल होता है।
विज्ञापन

सिलिंडर यदि उपभोक्ता एजेंसी अथवा गोदाम से लेकर जा रहा है तो उसे होम डिलीवरी चार्ज वापस करना चाहिए, पर ऐसा नहीं किया जा रहा है।
जिले में घरेलू गैस सिलिंडर की मारामारी कम होती नजर नहीं आ रही है। कोई बुकिंग के लिए परेशान है तो किसी को डीएसी नंबर के अभाव में सिलिंडर नहीं मिल रहा है। सबकुछ ठीक है तो एजेंसी पर स्टॉक न होने की बात कहकर ग्राहक को वापस लौटा दिया जाता है।
कई-कई दिन इंतजार के बाद भी लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। इस आपाधापी के बीच उपभोक्ता से एजेंसियां एक और छल कर रही हैं। दरअसल, गैस सिलिंडर की वसूली जाने वाली कीमत में होम डिलीवरी चार्ज भी शामिल होता है। वर्तमान में उपजे हालातों के बीच लोग सीधे एजेंसी अथवा गोदाम से सिलिंडर ला रहे हैं। होम डिलीवरी चार्ज उन्हें न वापस किया जाता है और न घटाकर कीमत ली जाती है। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं से एजेंसियों पर छल किया जा रहा है।
विज्ञापन

कसमंडा ब्लॉक के चितरेहटा गांव में वर्तिका गैस एजेंसी संचालित है। यहां करीब 8,039 कनेक्शन धारक हैं। नयागांव के रहने वाले उपभोक्ता प्रदीप सिंह ने बताया कि उनसे 961 रुपये लिए गए और कोई रसीद भी नहीं दी गई है। सिलिंडर वह एजेंसी से खुद लेकर आए हैं। कमोबेश यही हाल सभी एजेंसियों का है।
सरौरा कला स्थित गैस एजेंसी के उपभोक्ता नेवादा निवासी परमेश्वर ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से सिलिंडर के लिए चक्कर लगा रहे हैं। हर बार सिलिंडर न होने की बात कहकर एजेंसी से वापस कर दिया जाता है।
फूलपुर निवासी रामजीवन ने बताया कि 14 मार्च को बुकिंग कराने के बावजूद अभी तक सिलिंडर नहीं मिल सका है। एजेंसी की प्रबंधक अर्पणा के अनुसार 11 मार्च को 342 सिलिंडरों की डिलीवरी आई थी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और परिषदीय विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसके बाद बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को वितरण किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं का आरोप है कि कम आपूर्ति और पारदर्शिता की कमी के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें