रामपुर मथुरा। बारिश व चौका नदी के बढ़ते जलस्तर से खेतों में जलभराव से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच बारिश के साथ चली तेज हवाओं से धान की फसल खेतों में गिर गई है। 25 गांवों की एक हजार बीघा फसल जलभराव की चपेट में है।
रायपुर,भागीपुर, अलायपुर, पैगंबरपुर, बांसुरा, पिपरी, तुलसीपुर बंजर व सिरकुंडा समेत करीब 25 गांवों में किसानों की लगभग 1000 बीघे से अधिक धान फसल जलभराव की चपेट में है। पिपरी, सिरकुंडा, रायपुर, बांसुरा समेत कई संपर्क मार्गों और सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भरा होने से आवागमन बाधित होने की कगार पर है।
किसान रामसेवक, त्रिभुवन, भुलाई आदि का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार हो गई है। तेज हवाओं से फसल खेत में गिर गई है। खेतों में लगातार पानी भरा होने से नुकसान बढ़ने की आशंका है। तकरीबन सात दिनों से धान की फसल में पानी भरा होने से फसल सड़ने का खतरा बना हुआ है।
एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि जलस्तर स्थिर है। जो पानी पहले से आ चुका है, वह निचले क्षेत्रों में भरा हुआ है। जो फसल पानी में डूबी है,पानी कम होने पर नुकसान का सर्वे करवाकर मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया की जाएगी।
बाढ़ में डूबी सड़क