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मासूम का अपहरण करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार

Sat, 01 Aug 2015 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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खैराबाद थाना क्षेत्र में मई माह में बच्चे का अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले दो अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस ने उनके पास से फिरौती की रकम व अन्य सामान बरामद किया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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घटना का राजफाश करते हुए एसपी राजेश कृष्ण ने बताया कि 25 मई को खैराबाद के ग्राम कोठारपुरवा से दो बदमाशों ने सरोज के पुत्र शुभम यादव (7) का अपहरण कर लिया था।
अपहरणकर्ताओं को फिरौती की रकम अदाकर बच्चे को किसी तरह सकुशल बरामद किया गया था। हालांकि इस दौरान अपहरणकर्ता पुलिस के हाथ से निकल भागने में सफल रहे। एसपी ने बदमाशाें को दबोचने के लिए खैराबाद थाना पुलिस समेत क्राइम ब्रांच को लगाया था।
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पुलिस ने अगवा मासूम से बातचीत के आधार पर आरोपियों का स्केच तैयार कराया और सर्विलांस सेल की मदद से बदमाशों की लोकेशन ट्रेस की। शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच के हरमीत सिंह, अंजनी कुमार पांडेय, नंद कुमार तिवारी खैराबाद थानाध्यक्ष केके मिश्रा की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र के ग्राम असोढन के निकट छापा मारा। यहां पुलिस ने दो लोगों को अवैध हथियार व कारतूस के साथ दबोच लिया।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान कमलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरांय निवासी बलराम यादव व पवन रावत के रूप में हुई है। इन्हीं लोगों ने शुभम का अपहरण किया था। पुलिस ने दोनों बदमाशों के पास से फिरौती में दी गई रकम में से 4800 रुपये, सोने की अंगूठी व छह कारतूस बरामद की हैं। बाकी रुपये बदमाशों ने खर्च कर दिए।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं डीआईजी भी घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देंगे।

फिरौती में मांगी कारतूस
एसपी राजेश कृष्ण ने बताया कि बदमाशों ने मासूम को अगवा करने के बाद फिरौती में कारतूस मांगे। उनके मुताबिक उनके सामने ऐसा पहला मामला आया है, जब अपहरणकर्ताओं ने फिरौती में कारतूस की डिमांड की हो। यह ऐसा गैंग रहा जिसने फिरौती में दो सोने की अगूंठी, 40 हजार रुपये व 6 कारतूस की मांग की थी।

ट्यूबवेल पर रखा था
कमलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरांय निवासी बलराम यादव व पवन रावत शुभम के सामने थे। उन्हें देखते ही शुभम बोल पड़ा कि इन्हीं ने मुझे अगवा किया था। दुकान पूछने के बहाने बुलाया और फिर जबरन मोटर साइकिल पर बैठा लिया था। पूछताछ में बदमाशों ने कबूला कि अगवा करने के बाद शुभम को सरांय गांव के बाहर स्थित एक ट्यूबवेल के कमरे में कैद कर दिया था। फिरौती की रकम अदा होने के बाद अपहरणकर्ताओं ने बालक को कमरे से निकालकर गांव के करीब छोड़ा था।

पुलिस फूंक फूंक कर रख रही थी कदम
सीतापुर। पुलिस ने शिवम को मई में ही अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया था, लेकिन पुलिस अपहरणकर्ताओं तक पहुंचना चाह रही थी। यही वजह थी कि पुलिस के अधिकारी भी शिवम की बरामदगी के मामले में खुलकर नहीं बोल रहे थे। उधर, फिरौती की रकम मिलने के बाद अपहरणकर्ता भी बेफिक्र थे, यही बेफ्रिकी उनके लिए जंजाल बन गया। पुलिस ने बड़ी सूझबूझ से पहले फिरौती की रकम अदा करवाई, बालक के बरामद होने के बाद बदमाशों की टोह ली और उन्हें दबोच लिया।
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