सीतापुर शहर के तिहरे हत्याकांड को लेकर पुलिस कशमकश में है। अपराधियों तक पहुंचने का उसका हर निशाना चूकता जा रहा है। क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और एसटीएफ सहित पुलिस के तमाम साधन व एजेंसियां तिहरे हत्याकांड का खुलासा करने में जुटी हैं, लेकिन अब तक कुछ खास कामयाबी मिलती नहीं दिख रही।
सिविल लाइंस निवासी दाल व्यापारी सुनील जायसवाल, उनकी पत्नी व बेटे की मंगलवार रात घर के सामने ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी और लुटेरे उनके पास से दो बैग लूट ले गए थे।
इस घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। एडीजी लखनऊ अभय कुमार, आईजी रेंज जयनारायन सिंह घटना के दिन ही मौके पर पहुंचे थे। घटना से खफा व्यापारी संगठनों ने तीन दिन तक प्रदर्शन व बाजार बंद कर दिए थे।
खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस के अलावा, क्राइम ब्रांच व एसटीएफ को लगा दिया गया लेकिन अब तक पुलिस को सफलता नहीं मिली है। वारदात की रात से अब तक 50 से अधिक संदिग्धों को टारगेट बनाकर पुलिस उनसे पूछताछ कर चुकी है।
कई पुराने अपराधियों को मुखबिर के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस गौर से जांच कर रही है। प्रापर्टी विवाद, करोड़ों के लेनदेन जैसे मामलों से जोड़कर भी इसकी जांच हो रही है। एएसपी उत्तरी मधुवन कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस पूरी शिद्दत से अपने काम में लगी है। जल्द ही नतीजे दिखेंगे।
वो कौन है, जिसे क्राइम ब्रांच ने उच्चाधिकारियों के सामने पेश किया?
तिहरे हत्याकांड का वर्कआउट करने की दिशा में अब तक भले ही पुलिस की कामयाब होती नहीं दिख रही हो, लेकिन क्राइम ब्रांच टीम की तत्परता और उसकी चेहरे की रौनक किसी अच्छी खबर की ओर इशारा कर रही है।
पुलिस अफसर अब तक इस मसले पर कुछ खास जानकारियां देने से कतरा रहे हैं पर शुक्रवार की दोपहर क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस की मीटिंग और इसके फौरन बाद क्राइम ब्रांच द्वारा एक युवक को पुलिस अफसरों से मिलवाना, इशारा कर रहा है कि शायद क्राइम ब्रांच को वह डगर मिल गई है, जिस रास्ते पर पुलिस पिछले तीन दिनों से माथापच्ची कर रही थी। क्लू खोज रही पुलिस के हाथ कोई सुबूत लगा है। हालांकि अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।