अपर जिला सत्र न्यायाधीश नरेंद्र बहादुर यादव ने अपहरण व हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 24-24 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी हरिपाल सिंह ने की।
मानपुर थाना इलाके बिसेंडा निवासी वादी भगौती प्रसाद के भाई माया राम की व्यापार की रंजिश के चलते 2002 में हत्या कर दी गई थी। घटना की रिपोर्ट वादी भगौती प्रसाद ने मानपुर थाने में दर्ज कराते हुए अपने गांव के ही सलीम व डुल्लर पुत्र जाफर व हीरालाल पुत्र शिवदयाल को नामजद किया था।
वादी के मुताबिक तीनों माया राम के साथ गुड़ का कारोबार करते थे। इसी कारोबार की रंजिश के चलते मायाराम को निपट लेने की धमकी दी थी। 14 मार्च 2002 को मायाराम अपने गांव में सुरेश की दुकान पर गया था। वहां से उसका अपहरण कर लिया गया। भगौती ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई।
बाद में मायाराम का शव मिलने पर विवेचक ने हत्या के आरोपों को जोड़ते हुए तीनों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों को अपहरण व हत्या के लिए दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 24-24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।