बारिश व बैराजों से छोड़े गए पानी से गांजर में हालात बदतर होते जा रहे हैं। घाघरा का पानी अब शहर व कस्बों में घुसने लगा है। गुरुवार को रेउसा के दो मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया। वहीं थानगांव में बाढ़ के पानी में डूबकर एक महिला की मौत हो गई। जबकि सात घर नदी में बह गए। उधर, बैराजों से गुरुवार को सवा तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
थानगांव में सीपतपुर लोनियनपुरवा में गुरुवार को गांव निवासी रघुराज की पत्नी मैनावती (60) नित्यक्रिया के लिए जाते समय सड़क पर तेज बहाव से बह रहे बाढ़ के पानी में समा गई। खबर फैलते ही गांव के बाशिंदे नाव, जाल की मदद से उसे तलाशने लगे। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर खेतों में ग्रामीणों ने मैनावती को ढूंढ निकाला, लेकिन तब तक उसकी डूबने से मौत हो चुकी थी।
उधर, एसडीएम दीपेंद्र यादव का कहना है कि मैनावती दमा की मरीज थी, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। जबकि परिवारवालों का कहना है कि वृद्धा की डूबने से ही मौत हुई है। वहीं रेउसा कस्बे में भी पानी घुस गया। रेउसा कस्बा घाघरा से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। पर बुधवार देर रात तक रेउसा के नई बस्ती व पुरानी बस्ती मोहल्ले में बाढ़ का पानी घुस गया।
उधर, दुर्गापुरवा, कोनी, मरेली, जैतहिया, रंडा कोडर, मुजेहना, शंकरपुर झिसनी आदि गांवों में भी हालात खराब हैं। यहां के लोग पिछले दो सप्ताह से बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। बहराइच हाईवे पर लोग शरण लिए हुए हैं। खाने-पीने व इलाज के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। अभी तक करीब 400 गांवों में प्रशासनिक मदद नहीं पहुंच सकी है। उधर घाघरा,शारदा व बनबसा बैराजों से गुरुवार को 325016 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ क्षेत्र की करीब 5 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
रेउसा कस्बा यूं ही नहीं मशहूर है। बल्कि यह ऐसा कस्बा है, जो पूरे गांजरी क्षेत्र की जान है। यह गांजरी क्षेत्र की प्रमुख बाजार है। वहीं क्षेत्र में यह ऊंचा स्थान है, इसलिये यहां बसी आबादी को बाढ़ से महफूज माना जाता है। कस्बा घाघरा नदी से करीब 10 किलोमीटर दूर है, इसलिए भी यहां तक बाढ़ आने की संभावना कम ही जताई जाती है, लेकिन इस बार यह कस्बा भी बाढ़ की गिरफ्त में आ गया।
रेउसा के बाद थानगांव कस्बे में भी बाढ़ का पानी दस्तक देता नजर आ रहा है। क्षेत्र के लगभग सारे गांव जबरदस्त तरीके से बाढ़ की चपेट में हैं। गुरुवार को थानगांव कस्बे से महज 400 मीटर की दूरी पर बाढ़ का पानी हिलोरे मार रहा था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है, कि अगर पानी की रफ्तार यही रही, तो जल्द ही थानगांव कस्बा भी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा।
रेउसा(सीतापुर)। घाघरा गांजर की धरती पर बाढ़ का कहर बरपा रही है। वहीं शारदा ने कटान शुरू कर दिया है। म्योड़ी छोलहा ग्राम सभा में शारदा नदी जबरदस्त रूप से कटान कर रही है। गुरुवार को पासिनपुरवा गांव के सात घर कटकर नदी में समा गए हैं। शारदा नदी ने बुधवार की रात तेजी से कटान किया। इससे पासिन पुरवा म्योड़ी छोलहा गांव के बुद्धा, सुंदर, टेकन, राम प्रसाद, राम लखन, सोबरन, पहलवान के घर कटकर नदी में बह गए।