थाना क्षेत्र में बसंतापुर गांव के पास रविवार को नहाते समय तीन बच्चे शारदा नदी में डूब गए। शोर सुनकर उधर से गुजर रहीं दो महिलाएं भी उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गईं। इस दौरान महिलाएं भी डूबने लगी। चीख सुनकर कुछ दूर खेतों में मौजूद ग्रामीण भी पहुंच गए।
ग्रामीणाें ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पांचों को किसी तरह नदी से बाहर निकाला और सभी को सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। वहीं दोनों महिलाओं की हालत गंभीर देख उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। खबर पाकर एसडीएम, सीओ भी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
बसंतापुर निवासी रूबीना (14) पुत्री जलीस, मनोज (12) पुत्र सालिगराम व रुफियान (13) पुत्र लल्लन रविवार सुबह गांव से कुछ दूर शारदा नदी के करीब बकरियां चरा रहे थे। इसी बीच तीनों नदी में जाकर नहाने लगे। नहाते समय बच्चे गहरे पानी में चले गए और संतुलन बिगड़ने पर तीनों डूबने लगे। मदद की गुहार सुनकर करीब से गुजर रहीं गांव की शकीना (55) पत्नी भूखन व सायरा (30) बिना कुछ सोचे समझे नदी में कूद गईं।
गहरे पानी में डूब रहे बच्चों को बचाने में दोनों की हिम्मत जवाब दे गईं और वे भी डूबने लगीं। वहीं महिलाओं का शोर सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते, पांचों लोग गहरे पानी में डूब चुके थे। ग्रामीणों ने तत्काल नदी को खंगाला। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पांचों लोगों को बाहर निकाला जा सका।
खबर पाकर पुलिस भी पहुंच गई थी। आननफानन में पांचों लोगों को सीएचसी तंबौर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। वहीं दोनों महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में शकीना को होश आ गया था,
लेकिन सायरा की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। उधर, हादसे की खबर पाकर एसडीएम बिसवां उदय प्रताप सिंह, सीओ शेषमणि पाठक, एसओ अनिल पांडेय मौके पर पहुंच गए थे। अफसरों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।