दो युवतियों के सिर बरामदगी के मामले में शुक्रवार को डीआईजी डीके चौधरी मानपुर पहुंचे। डीआईजी ने घटना स्थल का मुआयना किया। जांच-पड़ताल के बाद डीआईजी ने मानपुर थाने में पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर सभी बिंदुओं पर मंथन किया।
डीआईजी ने कहा कि सीतापुर में युवतियों के सिर बरामद होने तथा लखनऊ में धड़ मिलने की घटनाओं के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं। डीआईजी ने कहा कि दोनों युवतियों के पैर टाइगर ब्रांड चावल की 25 किलो की बोरी में मोड़कर रखे गए थे। बोरी में चार पैर के अलावा कुछ कपड़े मिले।
इसी तरह एक युवती का धड़ पॉलीथिन में बांधने के बाद आशीर्वाद आटा की बोरी में बंद करके फेंका गया था, दूसरी युवती का शव जिस बोरे में मिला वह खाद या आटा का माना जा रहा है।
क्राइम ब्रांच की टीम को टाइगर ब्रांड चावल व आशीर्वाद आटा कंपनी से संपर्क करके बोरों के कोड के आधार पर छानबीन के आदेश दिए। कहा कि पता लगाएं कि कंपनी से माल किस डीलर को सप्लाई किया गया था और डीलर ने किस दुकानदार को बेचा।
इससे तय हो सकेगा कि आटा व चावल किस जिले के किस क्षेत्र में खरीदा गया होगा। वहीं से कातिलों और युवतियों के तार जुड़े होंगे। बताया कि हत्यारों ने बड़ी चालाकी व शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया है।
ये हत्याएं किसी दूसरे जिले में की गई हैं, जबकि सुराग मिटाने व पुलिस को चकमा देने के इरादे से शवों के टुकड़े सीतापुर व लखनऊ में फेंक दिए गए।