कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा भी आदर्श आचार संहिता उल्लंघन में फंस गए हैं। उन पर बिना इजाजत जनसभा करने का आरोप है। वहीं राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी व उनके बेटे समेत पांच के खिलाफ जिला प्रशासन ने सोमवार को मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस के मुताबिक कैबिनेट मंत्री नरेंद्र वर्मा ने रविवार शाम कोतवाली क्षेत्र में मोलहेपुर ईंट-भट्ठे के पास बिना इजाजत के जनसभा की और पार्टी का प्रचार-प्रसार किया। इसकी जानकारी होने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच की।
जांच में मामला सही पाए जाने पर सपा प्रत्याशी व कैबिनेट मंत्री नरेंद्र वर्मा के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया गया। इसके अलावा खैराबाद में स्टेटिक टीम में शामिल अनिरुद्व सिंह व एसओ मनोज यादव, एसआई शिव सिंह यादव सोमवार को क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे।
इसी दौरान एक गाड़ी की जांच की गई। इस वाहन में राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी व उनके बेटे मनोज राजवंशी के प्रचार करते पोस्टर लगे हुए थे। इस पर पुलिस टीम ने राज्यमंत्री व उनके बेटे तथा चालक के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
इसके अलावा लहरपुर कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक अनिल वर्मा के खिलाफ भी आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया। इनके एक कार्यक्रम में तय से अधिक भीड़ जुटी थी और वहां लगे बैनर व पोस्टरों में मुद्रक प्रकाशक का नाम नहीं छपा था।
लहरपुर पुलिस ने समोलिया चौराहे पर बैनर-पोस्टर लगे होने पर कांग्रेसी नेता बनवारी लाल कनौजिया के खिलाफ केस दर्ज किया। जबकि महमूदाबाद कोतवाली पुलिस ने बसपा के विधानसभा प्रभारी व प्रत्याशी प्रद्युम्न वर्मा के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया।
उन पर आरोप है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन पर बरदही बाजार के पास जनसभा का आयोजन किया और लोगों को प्रचार सामग्री भी बांटी। साथ ही कार्यक्रम में तय से अधिक लोग एकत्र हुए थे। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।