शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने गुरुवार को अंत्योदय मेले में पिसावां पहुंचे सीडीओ व जिला विकास अधिकारी को बंधक बना लिया। बीडीओ कक्ष में बैठे अफसर करीब आधे घंटे तक बंधक बने रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि बाद में महोली विधायक शशांक त्रिवेदी के आश्वासन पर ग्रामीण माने और कमरे का ताला खोल दिया।
गुुुरुवार को पिसावां ब्लॉक परिसर में अंत्योदय मेला व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। शुभारंभ से पहले सैकड़ों लोग नारेबाजी करने लगे। इस दौरान सीडीओ डॉ. अरविंद चौरसिया, जिला विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी, जिला सूचना अधिकारी मधू तांबे, बीडीओ एके चौबे के साथ उनके कक्ष में बैठे हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने उनके कमरे में ताला जड़ दिया। इससे अफसरों में खलबली मच गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था बिजली, आवास योजना, राशनकार्ड व भ्रष्टाचार की तमाम शिकायतें की जा चुकी हैं। कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे पीड़ित दर-दर भटक रहे हैं। एसडीएम महोली ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर ताला खोलने को कहा लेकिन लोग नहीं माने और वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे।
सूचना पर विधायक शशांक त्रिवेदी भी पहुंचे और न्याय का भरोसा दिलाकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद ग्रामीणों ने अफसरों को बंधनमुक्त किया। उधर, इस मामले को लेकर बीडीओ एके चौबे ने प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे वीरेश शुक्ल समेत 150 लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
प्रदर्शनकारियों ने एडीओ, कृषि प्रदीप त्रिपाठी को जूतों की माला पहनाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एडीओ को ग्राम मुड़ासानी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास की जांच सौंपी गई थी। यह शिकायत हुई थी कि पात्र को अपात्र दिखाकर उसे लाभ से वंचित कर दिया गया है। लेकिन एडीओ ने भी उसे अपात्र ही करार दे दिया। हालांकि जूतंो की माला एडीओ तक नहीं पहुंची। माला फेंकते समय वह गिर गई।