हालांकि, बरामद रकम के बारे में कोई दस्तावेज नहीं मिले। पकड़े गए दोनों लोग घबराए हुए थे। जांच में यह नकदी कानपुर के बड़े कारोबारी का होना बताया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि बरामद कैश को फिलहाल जब्त कर कोषागार में रखा जाएगा। इसके बाद मामले में जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
इसमें रखे कैश को कब्जे में लेकर जांच की गई। पता चला कि दोनों बैग में 20 लाख 90 हजार तीन सौ रुपये हैं। स्टेटिक और पुलिस टीम ने कार समेत कैश और चालक सर्वजीत सिंह निवासी बेदीफार्म थाना बाजपुर, जिला उधमसिंह नगर उत्तराखंड, कार में सवार दिनेश कुमार निवासी ग्राम इनायतपुर थाना बरापुर जिला बिजनौर को लेकर कोतवाली पहुंची।
इस मामले की सूचना पाकर आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर आरआरएन शुक्ला, आयकर अधिकारी सीपी श्रीवास्तव, रमेश सिंह, आयकर निरीक्षक प्रफुल्ल वर्मा, एसडीएम सिधौली संतोष राय मौके पर पहुंचे। अफसर और पुलिस की टीमें बरामद हुए कैश को लेकर पूछताछ की। सीओ ने बताया कि पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि मूलरूप से उत्तराखंड के रहने वाले मनोज सिंह कानपुर जिले में रहकर सरिया का बड़ा व्यापार करते हैं।
मनोज ने इन लोगों को पैसा लेने के लिए सीतापुर भेजा, जहां पर नवीन चौक के पास महोली के निवासी गौरव अग्रवाल ने कुछ लोगों के जरिए दो बैगों में पैसा रखकर इनको दिया था। ये लोग पैसे लेकर कानपुर जा रहे थे। हालांकि, ये लोग बरामद हुए पैसों के बारे में कोई अहम दस्तावेज नहीं दिखा सके है। इस वजह से कैश को ट्रेजरी में जमा किया जा रहा है। मामले को लेकर कानपुर के मनोज से भी बात की गई है।
उसने पैसा अपना होना बताया है। पकड़े जाने के बाद कार चालक और सवार दोनों घबराए हुए थे। सीओ का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसमें अभी तक कोई केेस नहीं बन रहा है। अब तक की जांच में पैसा सही पाया गया है। बरामद रुपयों से संबंधित अगर ये लोग दस्तावेज दिखाते हैं तो नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैश दे दिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मशीन से हुई नोटों की गिनती, देर रात ट्रेजरी में हुए जमा
कार से दो बैगों में भरे नोटों की गिनती के लिए अधिकारियों ने कस्बे की ओम सांई पेट्रोल पंप से मशीन मंगाकर कैश गिनवाया। सीओ ने बताया कि मशीन से कैश की गिनती करने के बाद उसे कोषागार में देर रात जमा कराने के लिए एक टीम को जिला मुख्यालय भेज दिया गया है।