संदना इलाके के कुर्सी गांव निवासी जयकरन प्रसाद (50) पुत्र मोलहे पत्नी यशोदा (45) व पांच बच्चों के साथ गांव के किनारे मकान बना कर रहता था। शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे यशोदा गेहूं साफ कर रही थी और जयकरन प्रसाद घर से बोरी में गेहूं लाकर दे रहा था। इसी बीच पति-पत्नी में मामूली बात पर तकरार हो गई।
जिससे नाराज होकर जयकरन ने पास रखे फावड़े से पत्नी यशोदा पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। उसने पत्नी की गर्दन धड़ से काट कर अलग कर उसे मौत के घाट उतार दिया। बाद में जयकरन ने चाकू से अपना गला रेत लिया। शोर शराबे की बात सुनकर उसके घर के लोग दौड़े और गांव के लोगों को बुलाया।
यशोदा की मौत देखकर लोग भयभीत हो गए। परिवारीजन फौरन जयकरन को उपचार के लिए सिधौली ले गए। वहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जयकरन की भी मौत हो गई।
घटना को लेकर मृतक के भाई फूलचंद ने बताया कि जयकरन मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। उसका सिधौली में एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां से इलाज भी चल रहा था। वह अक्सर भड़क कर उल्टी सीधी बातें करने लगता था।
घटना के समय भी ऐसा कुछ हुआ, जिसके बाद उसने पत्नी की हत्या करने के बाद खुद को भी खत्म कर लिया। घटना की खबर मिलते ही एसओ संदना संदीप सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की।