शासन ने बतौर दूसरी किस्त भेजा 40 लाख का बजट
सीतापुर। पौराणिक तीर्थस्थल नैमिषारण्य में एक करोड़ 20 लाख से विकास कार्य कराए जाएंगे। यह बजट नैमिषारण्य में प्रतिमाह होने वाली अमावस्या मेले को राज्य स्तरीय दर्जा मिलने पर मिला है। इससे यहां की सड़कें, लाइटें व तीर्थस्थलों का रंगरोगन सहित अन्य काम होंगे। शासन ने दूसरी किस्त के रुप में 40 लाख रुपये का बजट जिले को मुहैय्या करा दिया है।
इससे पहले मिले 30 लाख रुपये से विकास पूरे हो चुके हैं। अगली किस्त मिलने के बाद अब जिला प्रशासन इसकी कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। 88 हजार ऋषि मुनियों की तपस्थली नैमिषारण्य का पौराणिक महत्व है। यहां पर रोजाना देश विदेश के श्रद्धालु आकर पूजन अर्चन करते हैं।
मान्यता है कि चार धाम की यात्रा करने के बाद अगर आप ने नैमिषारण्य के दर्शन नहीं किए तो आपकी यह यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाएगी। इसी वजह से रोजाना देशी व विदेशी पर्यटक आते रहते है। नैमिषारण्य का महत्व तो अधिक है पर यहां पर सुविधाओं के नाम पर बहुत ही सीमित संसाधन हैं।
वहीं हर माह अमावस्या पर यहां पर मेला लगता है। जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। पिछले बरस योगी सरकार ने अमावस्या मेले को राज्य स्तरीय दर्जा प्रदान किया था। इससे यहां पर विकास की उम्मीद जग गई थी। शासन ने चार साल में नैमिषारण्य के विकास के लिए बजट का प्रावधान किया है।
एक करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से यहां पर तमाम विकास कार्य कराए जाएंगे। पहली किस्त के रुप में शासन ने 30 लाख का बजट दिया था। अब दूसरी किस्त के रुप में 40 लाख रुपये का बजट आ गया है। इस बजट से सड़कें, स्ट्रीट लाइटें व पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।
जिला प्रशासन जल्द ही बजट के अनुसार कार्ययोजना बनवाकर काम शुरु कराएगा। शेष रकम अगले वित्तीय वर्ष में मिलने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं को नैमिषारण्य आने पर और सुविधाएं मिलेंगी।
यह हो चुके हैं विकास कार्य
पहली किस्त के रुप में मिले 30 लाख के बजट से मिश्रिख में दधीचि कुंड, नैमिषारण्य चक्रतीर्थ के पास, रुद्वावृत मंदिर व देवदेवेश्वर मं हाईमास्ट लाइट, इंटरलाकिंग सड़क, 50 कंकरीट बेंच, नैमिष के महत्ता से संबंधित वीडियो, 300 नैमिष प्रोफाइल बुकलेट, 250 कैलेंडर, यह सब डूडा की तरफ से विकास कार्य कराए जा चुके हैं।
आ गया है बजट
नैमिष विकास के लिए बजट आ गया है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद यहां पर मिले बजट से विकास कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे।
-प्रेमप्रकाश उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट